इंदौर. अब किसी भी सार्वजनिक व व्यावसायिक लाभ वाले स्थान पर फिल्मी गाने बजाने के लिए फिल्मी गीतों को जारी करने वाली कंपनी फोनोग्राफिक परफॉर्मेस लिमिटेड, मुंबई से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। पालन न करने वालों को 2 लाख रुपए का जुर्माना व तीन साल की सजा भुगतना पड़ सकती है।
इंदौर व आसपास के क्षेत्रों के लिए कंपनी के लाइसेंसिंग अथॉरिटी अर्पण जैन ने बताया कॅापीराइट एक्ट, 1957 के सेक्शन 33 सब सेक्शन 3 के तहत लाइसेंस बनवाना जरूरी होगा।
पीपएल कंपनी में सारेगामा, टाइम्स म्यूजिक, जी रिकॉर्ड जैसी करीब 150 प्रमुख कंपनियां सदस्य हैं और इनके द्वारा अब भारत सरकार के राजपत्र मई 2002 में प्रकाशित अधिकारों का उपयोग करते हुए लाइसेंस की कार्रवाई शुरू की गई है।
होटल, बैंक, ऑफिस, हॉस्पिटल, मनोरंजन पार्क आदि को भी लाइसेंस लेना होगा। चुनाव प्रचार के लिए भी यदि उपयोग किए जाने वाले गीत कंपनी के दायरे में आएंगे तो प्रत्याशी से लाइसेंस फीस वसूली जाएगी।