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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. राष्ट्रभाषा हिंदी बोलने पर जुर्माना लगाने व हिंदी भाषियों को गंवार कहकर अपमानित करने के कथित आरोपी प्राचार्य के खिलाफ शिक्षा विभाग ने जांच पूरी कर उन्हें हटाए जाने की सिफारिश स्कूल प्रबंधन से की है।
पृथक संस्था से ताल्लुक रखने की वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारी सेंट विसेंट पलोटी स्कूल के प्राचार्य को नहीं हटा सकते। स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को शांति पूर्ण ढंग से बनाए रखने की जिम्मेदारी होने के कारण शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की है।
उल्लेखनीय है कि अभिभावकों की शिकायत पर डीईओ बीएल र्कुे ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था और सहायक संचालक एसएल दीक्षित का जांच अधिकारी नियुक्त किया था।
श्री दीक्षित ने दो बार स्कूल जाकर छात्र-छात्राओं, स्कूल प्रबंधन के पदाधिकारियों, प्राचार्य सहित अभिभावकों का बयान लिया था। इसके बाद जांच रिपोर्ट तैयार की। जांच रिपोर्ट में श्री दीक्षित ने लिखा है कि प्राचार्य दोषी है और स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखने के लिए उन्हें हटाया जाना उचित है।
उन्होंने सोमवार को जांच पूर्ण कर स्कूल प्रबंधन को प्राचार्य को हटाने की अनुशंसा कर दी। रायपुर में यूरोपियन कमीशन की बैठक में भाग लेने गए डीईओ को मामले की जानकारी उन्होंने फोन पर दी। इधर अभिभावकों ने प्राचार्य के हटाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा है।
डीईओ दफ्तर पहुंचे अभिभावक
अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी लेने छात्र-छात्राओं के अभिभावक सोमवार को डीईओ कार्यालय पहुंचे। डीईओ की अनुपस्थिति में उन्होंने सहायक संचालक श्री दीक्षित से मामले की पूछताछ की।
अधिकारी ने उन्हें पूरी जानकारी दी और बताया कि उन्होंने प्राचार्य को हटाने के लिए पत्र लिख दिया है। वे या शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी प्राचार्य को नहीं हटा सकता, क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित न होकर किसी निजी संस्था के अंतर्गत संचालित हो रहा है। अभिभावकों के आश्वस्त होकर वापस लौटने की जानकारी मिली है।