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अटारी बॉर्डर से शुरू हुआ व्यापार

अटारी बॉर्डर.Indo-Pak truck route opens in Punjabआजादी के बाद सोमवार को पहली बार अटारी बॉर्डर के रास्ते माल से लदे तीन भारतीय ट्रकों ने पाकिस्तान की सरजमीं पर कदम रखा। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे दोनों देशों के बीच एक नए व्यापारिक अध्याय की शुरुआत हुई। बादल ने कहा, ट्रकों की आवाजाही से पंजाब को व्यापार के लिए नया रास्ता मिला है।

उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में अटारी बॉर्डर से पाक ही नहीं, मध्य एशिया, खाड़ी देशों और अफ्रीका तक कारोबार करना संभव होगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्र का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लुधियाना तक मंजूर हुए रेलवे फ्रेट कॉरीडोर को अमृतसर तक बढ़ाने की भी चर्चा की गई है।

दिल्ली से अमृतसर तक विशेष सुपर एक्सप्रेस हाइवे शुरू करने की योजना भी केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई है ताकि रेल और सड़क मार्ग से ज्यादा से ज्यादा उत्पाद विदेश भेजे जा सकें।

उनकी दिली इच्छा है कि हुसैनीवाला और खेमकरण बॉर्डर भी खुलें, ताकि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सके। दो साल में 300 करोड़ की लागत से अटारी बार्डर के 120 एकड़ क्षेत्र में अति आधुनिक इंटेग्रेटिड चैक पोस्ट बना दी जाएगी। ट्रकों की आवाजाही शुरू होने के बावजूद किसी भी कुली का लाइसैंस रद्द नहीं होगा।

व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने से कुलियों का रोजगार भी बढ़ेगा। इस मौके पर सांसद सुखबीर बादल, नवजोत सिंह सिद्धू, मंत्री मनोरंजन कालिया, गुलजार सिंह रणिके, बिक्रम सिंह मजीठिया, विधायक अनिल जोशी, रमिंदर सिंह बुलारिया के अलावा एसजीपीसी के कई सदस्य भी उपस्थित थे। इससे पहले बादल ने अटारी बॉर्डर पर पहुंचते ही पाक रेंजर के विंग कमांडर तारिक जंजुआ को पुष्पों और फलों की टोकरी भेंट कर दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होने की कामना की। बादल ने सफेद कबूतरों की जोड़ी और गुब्बारों को आसमान में छोड़ शांति का संदेश दिया।

पेट पर लात सहन नहीं कर पाए कुली : माल से लदे ट्रक सीधे सीमा पार कराए जाने से खफा सैकड़ों कुलियों ने पहले रोष जताया और बाद में टमाटर से लदे करीब 10 ट्रकों के शीशे तोड़ दिए। वे ट्रकों पर गए और टमाटरों की 100 से अधिक पेटियां तक तोड़ दीं। अब तक भारत-पाक के कुलियों को जीरो प्वाइंट से लेकर कस्टम गोदाम तक माल लाने के लिए प्रति नग 9 रुपए मिलते थे। ट्रकों में ही माल आने-जाने का सीधा असर उनकी रोजी-रोटी पर पड़ेगा। आज भारत से तीन ट्रक पाक गए, जबकि उस ओर से एक भी ट्रक इधर नहीं आया। गुस्साए कुलियों ने कस्टम चौकी के बाहर धरना भी दिया। खबर लिखे जाने तक घरिंडा पुलिस ने कुलियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया था।

क्या फर्क पड़ेगा, कितना होगा फायदा अमृतसर. अब तक सड़क मार्ग से भारत से पाकिस्तान को प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन, मीट और भेड़-बकरियां जाते रहे हैं। 25 जुलाई 2005 को लहसुन की पहली खेप भेजी गई थी। लेकिन अब भारत में पाकिस्तान का माल भी आ सकेगा। अभी तक सिर्फ अफगानिस्तान से सूखे मेवे ही अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आते थे। समझौता एक्सप्रेस से छुहारे और नमक भारत आते हैं। ट्रकों की आवाजाही शुरू होने से अब ये सड़क के रास्ते आ सकेंगे।





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