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बोनस अब दस हजार वेतन तक

नई दिल्ली.दीवाली से कुछ पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को तोहफा दिया। सोमवार को बोनस अधिनियम के लाभ को निर्माण क्षेत्र के लाखों श्रमिकों तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, फिर चाहे उन्होंने किसी बिल्डर या कॉन्ट्रेक्टर के यहां एक माह ही काम क्यों न किया हो। इसके अलावा 10 हजार रु. तक का वेतन पाने वाले कर्मचारी को बोनस का हकदार बनाया गया है।

श्रम मंत्री ऑस्कर फर्नाडीस ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बोनस एक्ट में परिवर्तन को मंजूरी दी गई जिसके अनुसार 10 हजार रु. माह का वेतन लेने वाला कर्मचारी भी बोनस लेने का पात्र होगा। पहले 3,500 रु. तक का वेतन लेने वाले ही बोनस का दावा कर सकते थे।

बोनस सीमा बढ़ी :
फैसले में बोनस की सीमा भी 2,500 से बढ़ाकर 3,500 रुपए कर दी गई है। बोनस की सीमा बढ़ाने के लिए कानून की धारा 12 और पात्रता सीमा बढ़ाने के लिए धारा 2 (13) में संशोधन करना होगा जबकि निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को बोनस कानून के दायरे में लाने के लिए धारा 32 (4) को हटाना होगा।

सात फीसदी को लाभ :
फर्नाडीस ने कहा कि कांट्रेक्टरों के मार्फत रोजगार पाने वाले निर्माण क्षेत्र के सारे श्रमिक बोनस अधिनियम के दायरे में आ जाएंगे। सूचना व प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि इस फैसले से देश की कुल श्रमशक्ति के सात फीसदी को लाभ होगा।

अध्यादेश संभव
चूंकि संसद का अगला सत्र इस वर्ष नवंबर में होगा, इसलिए सरकार उक्त फैसले लागू करने के लिए अध्यादेश ला सकती है।

ऐसे होता है आकलन
बोनस का आकलन मूल वेतन, महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ते के कुल योग के आधार पर किया जाता है। कानून के अनुसार कर्मचारी को न्यूनतम 8.33 फीसदी बोनस प्राप्त करने का अधिकार है।





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