जयपुर. दिल्ली रोड पर गुर्जर बहुल इलाकों में जेल भरो आंदोलन की तैयारियां जोरों पर है। गुर्जरों के बड़े-बूढ़ों ने एलान कर दिया है कि जो भी जेल न चले उसे जबर्दस्ती लेकर चलेंगे। इस इलाके में तीन अस्थायी जेलें अचरोल, चिमनपुरा और भानपुर कलां में बनाई गई हैं।
जेल बना दी ठंड से बचने का इंतजाम नहीं :
भास्कर टीम रात ९ बजे भानपुर कलां पहुंची। यहां गल्र्स सीनियर सैकडंरी स्कूल में अस्थायी जेल बनाई गई है। स्कूल में ही टैंट तानकर गिरफ्तारी देने वालों के रहने का इंतजाम किया गया है। खुला इलाका होने के कारण यहां ठंड पड़नी शुरू हो गई है, मगर प्रशासन कंबलों का इंतजाम करना भूल गया।
समाज जÝ रह्यो छै थे कोड़े बैठा छो :
जमवारामगढ़ इलाके के गुर्जरों ने एक ही आह्वान किया है ‘समाज जÝ रह्यो छै थे कोड़े बैठा छो।’ इस इलाके में गुर्जर बहुल १५-२0 गांव हैं। भास्कर टीम जब रात १0 बजे नांगल तुलसीदास गांव में पहुंची तो गुर्जर नेता लादूराम बैठक से लौटे ही थे। ७२ वर्ष की उम्र में भी लादूराम जोश से कहते हैं ‘म्हाने तो गोली ठंडी करनी छै।’ मुखिया (बैसला) ने कहा है कि मुहाना में जाकर गिरफ्तारी देना मगर लोग तो सीधे भानपुर भी पहुंच सकते हैं।
सुकून देने वाला वातावरण बना रहे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने सभी प्रदेशवासियों से शांति की अपील करते हुए कहा है कि सरकार किसी भी न्यायोचित मांग के निराकरण के लिए हमेशा तैयार है। यहां जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग संयम और धैर्य रखते हुए आम लोगों के जन-जीवन को प्रभावित न होने दें।
समूचा प्रदेश एक परिवार है। सभी वर्र्गो की कठिनाइयों के समाधान के लिए हम पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में शांति और भाईचारे से रची-बसी हमारी संस्कृति की एक अलग ही पहचान है।
यहां की आबोहवा और मन को सुकून देने वाला वातावरण ही तो है, जिसकी बदौलत 2 करोड़ से भी अधिक सैलानी यहां आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आज जिस तरह के हालात बने हैं, उसके लिए बाहरी राज्यों से आए लोग और कुछ राजनीतिक स्वार्थी लोग जिम्मेदार हैं।
मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश की गौरवशाली परम्पराओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशवासी कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाए, जिससे प्रदेश की शांति व्यवस्था और सामाजिक समरसता के अच्छे माहौल पर किसी प्रकार की आंच आएं।