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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. सामान वही, लेकिन चोरी का मामला दर्ज हुआ तीन बार। एक ही थाने में दो बार। थाना है सेक्टर-३४, जहां चंडीगढ़ पुलिस ने चोरी का झूठा मामला दर्ज कर, किसी दूसरे के घर से सामान उठा कर अपने कब्जे में ले लिया। इतना ही नहीं चंडीगढ़ पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने एक शख्स को एक दिन तो अवैध हिरासत में रखा और दूसरे दिन उसे गिरफ्तार भी कर लिया।
अपने पुलिसकर्मियों की ऐसी कारगुजारी के सामने आने पर एसएसपी सुधांशु श्रीवास्तव ने पहले थाना-३४ में तैनात रही एएसआई सर्बजीत कौर सेखों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी खोल दी है। थाना-३४ के एसएचओ प्रेम लाल चौहान को नोटिस देकर पूछा है, कि क्यों न ‘लैक ऑफ सुपरविजन’ पर उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाए। झूठा पर्चा दर्ज करवाने वाली महिला के खिलाफ भी मामला दर्ज करने को कहा गया है।
ऐसे दर्ज हुआ झूठा मामला: ९ अप्रैल २क्क्७ को सेक्टर ४४ की तेज कौर ने पुलिस में शिकायत दी कि उनके ड्राइवर गुरमेल सिंह की पत्नी रानी कौर और उसका पटियाला निवासी जानकार उनके घर से ज्वेलरी, कीमती कपड़े और अन्य सामान चुरा ले गए, जिसकी कीमत करीब ७.21 लाख रुपए है। थाना-३४ पुलिस ने तीन महीने तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। 109 दिन बाद २६ जुलाई को पुलिस ने एकाएक थाना-34 पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया। उसी दिन एएसआई सर्बजीत कौर पुलिस पार्टी के साथ अरुण कौशल के घर पटियाला (बिशन नगर मकान नंबर-२१५) पहुंची।
यहां पुलिस को दिनेश नाम का एक लड़का मिला। यहां से पुलिस ने डबल बेड और तीन सूटकेस कब्जे में लिए और दिनेश को लेकर चंडीगढ़ आ गई। उस दिन की जगह अगले दिन २७ जुलाई को पुलिस ने दोपहर बाद दिनेश की अरेस्ट डाली। इसके बाद एएसआई सर्बजीत कौर दोबारा दिनेश को पटियाला ले गई और उसकी निशानदेही पर एसी, एक जैकेट,वॉकमैन और दो घड़ियां बरामद कर लीं। अरुण कौशल ने एसएसपी चंडीगढ़ को पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शिकायत दी। इसकी जांच क्राइमब्रांच को दे दी गई है।
फिर सामने आई असलियत:
जांच में सामने आया कि तेज कौर ने जिस रानी कौर के खिलाफ शिकायत दी थी, उसकी शिकायत पहले तेज कौर के पति अलभेग सिंह ने भी दी थी। तब जांच में सामने आया कि रानी अलभेग की पत्नी है। अब दोबारा उसी सामान के चोरी होने की शिकायत तेज कौर ने दर्ज करवाई है। यह भी सामने आया कि चूंकि रानी कौर ने भी अलभेग सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा रखी है, इसलिए उसे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। जांच में यह भी पता चला कि अरुण कौशल का सामान एएसआई ने गलत तरीके से रिकवर किया था।
शक के दायरे में पुलिस कार्रवाई >> 9 अप्रैल को दी गई चोरी की शिकायत पर, 109 दिन बाद 26 जुलाई को मामला दर्ज क्यों किया गया? >> दिनेश को पुलिस 26 जुलाई को ही पटियाला से ले आई, तो फिर उसकी अरेस्ट 27 जुलाई दोपहर 4 बजे क्यों डाली गई? >> शिकायतकर्ता तेज कौर पुलिस पार्टी के साथ पटियाला नहीं गई, तो फिर बिना निशानदेही के पुलिस ने अरुण का सामान कब्जे में क्यों लिया? >> पुलिस के मुताबिक चोरी हुआ एसी का रंग सफेद था। कब्जे में लिए एसी का रंग ब्राउन।