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फिर चलेगा हरियाली पर कुल्हाड़ा

चंडीगढ़. प्रशासन एक बार फिर हरियाली पर कुल्हाड़ा चलाने की तैयारी में है। इस बार निशाने पर है सेक्टर-26 में नगर निगम की 7.5 एकड़ जमीन पर विकसित फ्रूट नर्सरी। इस पर सिविल सर्विस ऑफिसरों को खुश करने के लिए सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट बनाने का प्रस्ताव है। इससे पहले प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों को दुगना चौड़ा करने के लिए वहां खड़े 228 पेड़ बलि चढ़ा दिए हैं।

प्रशासन ने 30-35 साल पुरानी फ्रूट नर्सरी में लगे 150 पेड़ों और हजारों फलदार पौधों की पनीरी को निशाना बनाया है। इस जमीन पर सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट बनाने के लिए 18 अगस्त 2007 को प्रशासक ने अप्रूवल दे दी थी। 18 जुलाई 2007 को इस मुद्दे पर प्रशासक के तत्कालीन सलाहकार और चीफ ऑर्किटेक्ट के बीच बातचीत हुई थी। अब प्रशासक के निर्देश का हवाला देकर चीफ ऑर्किटेक्ट सुनीता मोंगा ने निगम को लेटर लिखकर फ्रूट नर्सरी की जमीन प्रशासन के चीफ इंजीनियर को हैंडओवर करने को कहा है।

मशहूर है पनीरी: इस फ्रूट नर्सरी की पनीरी दूर-दूर तक मशहूर है। इतना ही नहीं नगर निगम का हॉर्टिकल्चर विभाग हर साल बरसात के सीजन में पनीरी की सेक्टर-16 के क्रिकेट स्टेडियम में एग्जिबिशन-कम-सेल भी लगाता है। वैसे तो नर्सरी से पूरे साल फलदार पौधे बिकते रहते हैं, जिससे निगम को भी खासी आमदनी होती है। हरियाली में चंडीगढ़ देशभर में अव्वल है। लोगों का मानना है कि इसी तरह से पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलता रहा तो यूटी अपने इस स्थान को खो देगा।

पार्षदों-मेयर को जानकारी नहीं: निगम के अफसरों को इस प्रपोजल की भनक है, पर निर्वाचित पार्षदों, मेयर को इसकी जानकारी नहीं है। प्रशासक के मल्टी पार्किग के आदेश पर भी निगम की पिछली मीटिंग में कांग्रेस पार्षदों ने सदन से वाकआउट कर दिया था। नर्सरी के विषय को तो अभी तक निगम की मीटिंग में लाया ही नहीं गया।

दिल्ली की तर्ज पर यहां भी सिविल सर्विस इंस्टीटयूट स्थापित किया जाएगा, जिसमें अफसरों के सेमीनार और ट्रेनिंग होंगे। नर्सरी की जमीन प्रशासन की है, इसलिए निगम को हैंडओवर करने को कहा है। —एस.के.संधू फाइनेंस सेक्रेटरी

नर्सरी की जमीन पर सरकारी बिल्डिंग बनाने के अलावा बाकी हिस्से को हरा-भरा किया जाएगा। —सुनीता मोंगा, चीफ आर्किटेक्ट





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