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गांधी जयंती पर गांधीगीरी का अनूठा मुकाबला

जम्मू.

‘इंडियन आइडल’, ‘सारेगामापा’ व ‘वायस ऑफ इंडिया’ जैसे युवाओं के पसंदीदा मुकाबलों से अलग हटकर जम्मू-कश्मीर के स्कूल-कालेजों में छात्रों पर इस समय गांधीगीरी का जुनून सवार है। वजह है- राज्य सरकार की ओर से आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता।

इसका विषय है ‘गांधियन फिलॉसफी एंड इट्स रैलेवैंस इन ट्वंटी फस्र्ट सैंचुरी’। मंगलवार 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर श्रीनगर में इस प्रतियोगिता का निर्णायक मुकाबला होगा।

प्रतियोगिता एक महीने से राज्यभर में आयोजित की जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि गांधी दर्शन पर अब तक 50 हजार छात्रों ने अपने विचार पेश किए हैं। प्रतियोगिता के विजेता के लिए घोषित भारी-भरकम रकम भी प्रतिभागियों को इतनी बड़ी संख्या में आकर्षित करने का अहम कारण है। स्कूल व कालेज की अलग-अलग कैटेगरी में विजेता को एक-एक लाख रुपए का नकद इनाम मिलेगा। रनर-अप को 50 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाले छात्र को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। अन्य प्रतिभागियों के लिए 5100 रुपए के सांत्वना पुरस्कार रखे गए हैं।

शिक्षा सचिव खिजर मोहम्मद वानी ने बताया कि फाइनल में कालेज वर्ग से 8 और स्कूली वर्ग से 11 प्रतिभागी पहुंचे हैं। अभी तक 48 हजार स्कूली छात्रों ने इसमें भाग लिया है, जिनमें से 23 हजार 352 तो अकेले कश्मीर क्षेत्र के ही हैं।

दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण सूचना व प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने इस आयोजन की दूरदर्शन पर सीधे प्रसारण की इजाजात दी है। प्रतियोगिता सुबह जल्दी शुरू हो जाएगी और सीधे प्रसारण के रास्ते में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम का प्रसारण बाधा बन रहा है।

दूरदर्शन की श्रीनगर स्थित डायरैक्टर शैजादी सिमोन ने बताया कि देश में तो सीधा प्रसारण एकदम से मुश्किल होगा, पर राज्य में यह संभव है। दिल्ली से भी गांधी जयंती का कार्यक्रम सीधा प्रसारित होना है, इसलिए दिल्ली और श्रीनगर की टाइमिंग में थोड़ी समस्या आ रही है।

इस आयोजन के जरिए हमने मिसाल कायम की है। नई पीढ़ी का उत्साह बताता है कि गांधीजी का अहिंसा का सिद्घांत युवाओं में कितना लोकप्रिय है। समूचे राज्य में प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त उत्साह है। -गुलाम नबी आजाद, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर





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