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जरूरी है गांधीगीरी

जालंधर संजय दत्त मुन्नाभाई में गांधीगीरी का कॉन्सैप्ट लाए। उन्होंने ने बताया जब सब काम प्यार से हो सकता है तो क्यों हिंसा की जाए। इस फिल्म ने लोगों की जिंदगी बदल दी। सिटी यूथ से जब गांधीगिरी की बात की तो पता चला अधिकांश गांधीगीरी को अपनाए हुए हैं।

वहीं कुछ मानते हैं जब अहिंसा से काम नहीं चलता तो उन्हें हाथ उठाना पड़ता है। यूथ प्रॉबल्म को संजय दत्त की तरह गांधीगीरी के रास्ते पर चल कर सॉल्व करने की कोशिश करता है। मुन्ना भाई की गांधीगीरी को लेकर सिटी के यूथ की क्या राय है जाना रिपोर्टर ने।

प्यार लो प्यार दो

अगर किसी का झगड़ा हो जाता है, तो मैं उस झगड़े को सुलझाने कर सभी में दोस्ती करवाता हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि अगर कोई प्रॉबल्म बिना झगड़े के सुलझ जाती है, तो झगड़ा क्यों करना। मेरा मानना है हर काम में गांधीगीरी अपनाओ बात बन जाएगी। प्यार दो और प्यार लो। -पवन भगत

अब नहीं झगड़ता मैं पहले बहुत झगड़ता था लेकिन जब से मैंने मुन्ना भाई की गांधीगीरी देखी है तभी से झगड़ना बंद और गांधीगीरी शुरू कर दी है। झगड़ा करने से कुछ नहीं मिलता उल्टा नुकसान ही होता है। अब मैंने सीख लिया है कि सहनशीलता से परेशानी को दूर किया जा सकता है। -विशाल

तो झगड़ा क्यों मैं कभी भी किसी से भी नहीं झगड़ा अगर कोई मेरे साथ झगड़ता भी है, तो मैं आराम से बैठकर उससे बात करता हूं। झगड़ा करने से मेरी और मेरे पेरंेट्स की पोजीशन को नुकसान पहुंच सकता है। अगर प्रॉबल्म गांधीगीरी अपना या आराम से बात करने से खत्म हो जाए तो झगड़ा क्यों करना। -बृजेश

मारपीट भी जायज मुझे गांधीगीरी में पूरा विश्वास है और मैं तो इसके सिद्धांतों को भी अपनाता हूं, लेकिन गांधी जी की और लगे रहो की गांधीगीरी में अंतर है क्योंकि गांधीजी ने एक गाल के बाद दूसरा गाल आगे करने के बारे में तो बताया लेकिन उसके आगे क्या करना ये नहीं बताया। जबकि संजू की मूवी में तो दूसरे गाल पर थप्पड़ पड़ने पर क्या करना है ये भी बताया है। इसीलिए कभी-कभी उस रास्ते पर भी चलना पड़ता है। -विनय कुमार

काम गांधीगीरी से हो जाए तो अच्छा आज के जमाने में गांधीगीरी अपनाने वाले को दुनिया बेवकूफ कहती है यह अलग बात है। संजय दत्त क ी फिल्म से इम्प्रैस होकर सभी कहते हैं कि गांधीजी का कॉन्सैप्ट बैस्ट है लेकिन इसे अपनाता कोई-कोई है। मैं अहिंसा को अपनी लाइफ में अपनाता हूं लेकिन एक हद तक। जो काम गांधीगीरी से हो जाए वो अच्छा है। -हिमांशु

परेशानी भगाने के लिए है गांधीगीरी मैं समझता था गांधीगीरी के रास्ते पर चलकर तो सिर्फ मुसीबतें ही आती हैं लेकिन जब से लगे रहो मुन्नाभाई देखी है गांधीगीरी तो परेशानियों को भगाने का सबसे आसान तरीका है। अब तो मैं गांधीगीरी के रास्ते पर ही चलना पसंद करता हूं। मुझे लगता है कि देश में शांति बनाए रखने के लिए गांधीगीरी सबसे बढ़िया रास्ता है। -रजत





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