रोहतक पीजीआई के 9-जे क्वार्टर (16) में रहने वाली डा. प्रोमिला मलिक के 11 वर्षीय पुत्र पीयूष की हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज घटनाक्रम में खुद डा. प्रोमिला व उनका 19 वर्षीय बड़ा लड़का अभिषेक भी गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों का इलाज पीजीआई के सघन चिकित्सा केंद्र में चल रहा है। घटनाक्रम के बाद से ही डा. प्रोमिला के पति डा. एके मलिक व उनका नौकर फरार हैं। मौके का मुआयना करने के बाद पुलिस ने मामला तांत्रिक क्रिया का माना है।
अर्बन स्टेट थाना पुलिस को इस हत्याकांड की सूचना सोमवार को दोपहर बाद तबमिली, जब निश्चेतना विभाग में कार्यरत डा. प्रोमिला मलिक और उनके बड़े बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। सूचना मिलने के बाद डीएसपी (डी) मनबीर सिंह, थाना प्रभारी विनोद कुमार व चौकी प्रभारी करतार सिंह दहिया ने घटनास्थल का जायजा लिया। पीयूष का शव एक कमरे के बिस्तर पर पड़ा था। उसके गले की नस चाकू से काटी गई थी। बिस्तर पूरी तरह से खून से सना था।
घटनास्थल पर दिखे सबूत और डा. प्रोमिला के बयानों से पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि सारा घटनाक्रम किसी तांत्रिक क्रिया के चलते हुआ। डा. मलिक के पति और नौकर के फरार होने से भी इस बात की पुष्टि हो रही है। पुलिस के अनुसार डा. प्रोमिला के हाथ की नस कटी है और कमर के पास से वह जली हुई हैं, जबकि उनके 19 वर्षीय पुत्र अभिषेक की छाती व गले पर तेज धारदार हथियार से वार किए गए हैं। इधर पुलिस को डा. प्रोमिला के पति का सुराग नहीं मिल सका है, जबकि पड़ोसियों के अनुसार वह अपने नौकर के साथ सुबह घर में ही देखे गए थे।