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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. अमरिंदर सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे भरतइंदर सिंह चहल को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना सिटी सैंटर केस में जमानत दे दी है। अब तक इस मामले में चहल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली हुई थी। चहल को यह जमानत इस मामले में उनके खिलाफ विजिलैंस ब्यूरो की ओर से चालान पेश किए जाने तक जारी रहेगी। इसी मामले में दूसरे आरोपी एवं लुधियाना सिटी सैंटर प्रोजैक्ट को हासिल करने वाली कंपनी टुडे होम्स के प्रमुख जी.के. गंभीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
सरकार को क्लीन चिट सोमवार को सुनाए फैसले में जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि चूंकि घोटाले में केस कैप्टन सरकार के कार्यकाल के दौरान दर्ज किया गया था, इसलिए वर्तमान सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए केसों को राजनीति से प्रेरित नहीं कहा जा सकता। इस बीच, हाईकोर्ट ने कैप्टन की इंग्लैंड व दुबई जाने की याचिका पर सुनवाई 4 अक्तूबर तक स्थगित कर दी।
चहल को दी जा सकती है जमानत चहल को जमानत देने संबंधी दिए आदेश में कोर्ट ने कहा है कि चहल के खिलाफ केवल एक प्रॉपर्टी डीलर के बयान ही हैं इसलिए इस मामले में उन्हें जमानत दी जा सकती है। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि चहल को जमानत इस मामले में उनके खिलाफ चालान पेश किए जाने तक जारी रहेगी। चहल केस की जांच में विजिलैंस ब्यूरो को पूरा सहयोग करेंगे और वह सुबह 10 बजे से 6 बजे के बीच जांच टीम के सामने जांच के लिए पेश हो सकते हैं।
गंभीर प्रभावशाली व्यक्ति कोर्ट ने टुडे होम्स के मालिक जीके गंभीर की जमानत याचिका को खारिज करने संबंधी दिए अपने फैसले में कहा है कि गंभीर काफी प्रभावशाली आदमी हैं। उनके और भी कई प्रोजैक्ट चल रहे हैं। इसके अलावा लुधियाना इंप्रूवमैंट ट्रस्ट के एक असिस्टैंट इंजीनियर ने भी बयान देकर कहा था कि गंभीर ने इस मामले में उसे और अन्य लोगों को रिश्वत देने की पेशकश की थी। हालांकि इस मामले में नामजद टुडे होम्स के अन्य तीन अधिकारियों को भी कोर्ट ने जमानत दे दी है।
कैप्टन की सुनवाई 4 तक स्थगित चंडीगढ़. हाईकोर्ट ने कैप्टन की इंग्लैंड व दुबई जाने की अनुमति मांगने संबंधी याचिका पर सुनवाई 4 अक्तूबर तक स्थगित कर दी। इंग्लैंड में इलाज की तारीखें बताने के लिए कैप्टन के वकील ने कोर्ट से समय मांगा।