आज इंटरनेशनल डे ऑफ ओल्ड पर्सन
अमृतसर ज्यादातर लोगों के लिए रिटायर होने का मतलब काम से अवकाश लेना और आराम करना है, लेकिन कई सीनियर सिटीजंस ऐसे भी हैं जो रिटायर होने के बाद भी खुद को रिटायर महसूस नहीं करते। उनमें युवाओं जैसा जोश है। ये अभी भी देश की इकोनॉमी में अपना योगदान दे रहे हैं। इनके लिए कहा सकता है कि दिल होना चाहिदा जवान उमरां च की रखेया।
कुछ नया करने की इच्छा
थापर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज से रिटायर्ड मैनेजर देव राज स्याल ने बताया कि उनको रिटायर हुए 6 साल से अधिक हो गए हैं। रिटायर होने के बाद घर में रहना उनको काफी बोरिंग महसूस हो रहा था। वह दुनिया से कटे हुए महसूस कर रहे थे। उन्होंने रिटायरमेंट के तुरंत बाद पेपर मार्ट कंपनी में पार्ट टाइमर मैनेजर की नौकरी ज्वाइन कर ली। इस कारण वह दोबारा खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।
समय का सदुपयोग रिटायर्ड बलदेव राज शर्मा भारत सरकार के रिनुएबल सोर्सेस ऑफ एनर्जी विभाग में कार्यरत थे। उनको रिटायर हुए 4 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन डिपार्टमेंट में अब वह गाइडेंस सैल के मेंबर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह नहीं चाहते थे कि वह ऐसे डिपार्टमेंट से रिटायर हों, जिसमें लगातार एनर्जी डेवलपमेंट के लिए रिसर्च जारी रहती है।
रिटायरमेंट के तीन महीने तक वह बिना काम की जिंदगी से ऊब चुके थे, इसलिए उन्होंने पार्ट टाइमर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है। रिटायरमेंट के बाद वह लाइफ से संतुष्ट हैं क्योंकि उन्हें युवाओं के साथ काम करने में काफी मजा आ रहा है।
म्यूजिक में रुचि पूरी की कुमार मैन्युफैक्चरिंग मिल से रिटायर हुए श्याम लाल ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद घर में सारा समय टीवी पर प्रोग्राम देख कर बोर हो जाते थे। म्यूजिक में रुचि थी, इसलिए बेटे के साथ म्यूजिक स्टोर खोल लिया। इससे बरसों पुरानी म्यूजिक के प्रति लगाव की इच्छा पूरी हो रही है। रिटायरमेंट के बाद म्यूजिक के जरिए युवाओं की पसंद जानने का बढ़िया मौका मिल रहा है।
थिंकिंग मेक्स ओल्ड इंग्लिश के रिटायर प्रोफेसर जनक राज ने बताया कि रिटायर होने से पहले वह इंग्लिश में ऐसा कोर्स डिवाइस बनाना चाहते थे, जिससे स्टूडेंट्स कम्यूनिकेटिव इंग्लिश में आसानी से महारत हासिल करें। अब रिटायरमेंट के बाद उन्हें काफी समय मिल रहा है और उनका एक शॉर्ट टर्म कोर्सेस कंपलीशन पर है, वह ऐसा कोर्स करने के लिए विभिन्न स्कूलों में वर्कशाप लगाएंगे। ए मैन नेवर बिकम्स ओल्ड ओनली थिंकिंग मेक्स यू ओल्ड।
सैर के साथ फ्रैंड्स से मेल-मिलाप भी
इंटरनेशनल डे ऑफ ओल्ड पर्सन को लेकर सिटी रिपोर्टर ने कंपनी बाग में सुबह सैर करने आने वाले कुछ सीनियर सिटीजन से बात करके जाना कि कैसे बिताते हैं वे अपना दिन। सुशीला ने बताया कि वह रोज सुबह भजन कीर्तन के लिए जाती हैं, लेकिन आज वह अपनी सहेलियों से मिलना और उनसे गप्पें मारने कंपनी बाग में उनसे मिलने आ गईं। ऊषा सहगल और दर्शन का कहना है कि वह रोजाना सैर करने के लिए यहां आती हैं। यहां आ कर अपनी फ्रैंड्स के साथ मिल कर सैर भी हो जाती है और कुछ गप्पें भी लग जाती हैं। शकुंतला महाजन ने कहा कि इन दिनों बहुत बीमारियां बढ़ रही हैं, इसलिए सबसे जरूरी है हैल्थ को मेंटेन करना।