नई दिल्ली.माहात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेशों को आत्मसात किए हुए स्वतंत्रता सेनानी भ्रष्ट्राचार के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे है। ये स्वतंत्रता सेनानी वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के साथ भारत छोड़ों आंदोलन में शरीक हुए थे।
इस साल 19 अगस्त को ही स्वतंत्रता सेनानी एसडी शर्मा ने अपनी स्वयं सेवी संस्था गांधीयन सत्याग्रह ब्रिगेड के जरिए राजघाट से सत्याग्रह की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य पब्लिक लाइफ में फैले भ्रष्ट्राचार पर काबू पाना है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी बातों को नहीं सुनेगी तो वे अपने सत्याग्रह को और तेज करने वाले हैं। इसके तहत 24 घंटे का उपवास किया जाएगा। यदि इसके बाद भी उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो वे लोग अनिश्चितकाल के लिए उपवास पर चले जाएंगे।
उन्होंने कहा यदि आज महात्मा गांधी होते तो वे देश में भ्रष्ट्राचार के हालातों पर आमरण अनशन पर चले जाते। 89 वर्षीय शर्मा ने कहा कि उपवास व्यक्ति के अंदर नैनिकता जगती है।