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भारत 84 रन से हारा

कोच्चि: विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने क्रिकेट के "शार्टेस्ट वर्जन" के विश्व चैंपियन भारत को "रीयल क्रिकेट" का पाठ पढ़ाते हुए सात वन डे सीरीज के दूसरे मैच में 84 रनों से करारी मात दी है। इसके साथ ही सीरीज में मेहमान टीम 1-0 से आगे हो गया है।

कोच्चि में खेले गए दूसरे वन डे मैच में एक बार लय में आने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा। बल्लेबाजों ने लड़खड़ाने के बाद 306 रनों का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में भारत कभी भी मैच में नहीं आ पाया। उसके विकेट लगातार गिरते रहे। गौतम गंभीर(7), सचिन तेंडुलकर(16), युवराज सिंह(10) पर ही आउट हो गए। हालांकि पहला विकेट गिरने के बाद राबिन उथप्पा(41) ने सचिन के साथ कुछ ओवरों तक मैच को भारत के खेमे खड़ा करने का प्रयास किया, लेकिन सचिन के आउट होते ही सबकुछ गड़बड़ हो गया। उनके आउट होने के कुछ समय बाद ही युवराज सिंह ऑस्ट्रेलियाई जाल में फंस गए। इससे खुद उथप्पा भी अपनी लय खो बैठे।

पांचवे विकेट के लिए द्रविड़(31) ने टॉप स्कोरर कप्तान धोनी(58) के साथ 49 रन जोड़कर भारत को मैच में लौटाने का प्रयास किया, लेकिन हॉग की गेंद पर सीमा रेखा पर कैच देकर द्रविड़ क्या लौटे भारत का संघर्ष भी समाप्त हो गया। हालांकि कप्तान धोनी आउट होने वाले अंतिम बल्लेबाज रहे,लेकिन उन्होंने अंतिम के कुछ ओवरों को छोड़कर अधिकांश समय अपने टेलेंडर बल्लेबाजों को स्ट्राइक थमाकर दूसरे छोर में ही रहना पसंद किया। इससे कंगारु गेंदबाजों का काम और आसान हो गया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेड हॉग ने 3 व स्टुअर्ट और माइकल क्लार्क ने 2-2 विकेट लिए।

विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को सात वन डे इंटरनेशनल की सीरीज के दूसरे मैच में जीत के लिए 307 रनों का विशाल लक्ष्य दिया। ट्वंटी20 क्रिकेट को छोड़कर हर विधा में निर्विवाद चैंपियन ने लगातार दूसरे मैच में जता दिया कि वह क्यों चैंपियन है। एक समय 8 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी टीम ने ब्रेड हैडिन(87),साइमंड्स(87) और मैथ्यु हैडन(75) के जोरदार पलटवार करते हुए टीम को ऐसे स्कोर तक पहुंचा दिया जो भारत के लिए बड़ी चुनौती था।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का निर्णय शुरुआती ओवरों में ही सही साबित होता दिखा। जहीर खान ने अपने पहले ही ओवर में कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (0) को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद पारी के चौंथे ओवर में अपने घरु मैदान में खेल रहे श्रीसंथ ने ब्रेड हॉग(1) को पवेलियन भेज दिया। हैडन ने बेंगलूरु में शतकवीर माइकल क्लार्क(27) के साथ तीसरे विकेट के लिए धीमी पर उपयोगी 58 रनों की भागीदारी निभाकर टीम को शुरुआती खतरे से उतारा। क्लार्क इरफान की एक वाइड गेंद पर स्टंप आउट हो गए। उनकी जगह खेलने आए साइमंड्स ने सेटल होने के बाद इरफान के छठे और पारी के बीसवें ओवर में 3 चौके लगाकर टीम से दबाव हटाया। हैडन और साइमंड्स की जोड़ी ने भारत के स्पिन आक्रमण को हावी नहीं होने दिया।

दोनों ने भज्जी और पोवार के ओवरों में नियमित अंतराल के बाद छक्के लगाए। हारकर कप्तान धोनी को इरफान को दूसरे स्पेल पर लाना पड़ा। उन्होंने कप्तान के भरोसे पर खरा उतरते हुए हैडन को बोल्ड कर टीम को काफी देर बाद एक बड़ी सफलता दिलाई। हैडन और साइमंड्स के बीच चौंथे विकेट के लिए 94 रनों की भागीदारी की। उनके आउट होने तक ऑस्ट्रेलिया अच्छी स्थिति में आ चुका था। हैडन की जगह खेलने आए रिजर्व विकेट कीपर ब्रेड हैडिन ने आते ही जोरदार हाथ दिखाते हुए अपने इरादे जाहिर कर दिए। बेंगलूरु में अर्धशतक बनाने वाले इस खिलाड़ी ने रिकी पोंटिंग के बाहर रहने का जोरदार लाभ लेते हुए साइमंड्स के साथ 15.4 ओवरों में 108 रनों की भागीदारी कर मैच का मोमेंटम पूरी तरह से अपनी टीम की ओर कर दिया।

हैडिन ने भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जहीर खान को भी नहीं बख्शा। उनके अंतिम ओवरों में मिड विकेट पर एक छक्का लगाने के बाद अगली ही गेंद को उन्होंने स्कूप शॉट के जरिए 4 रनों के लिए फाइन लेग बाउंड्री के बाहर भेज दिया। साइमंड्स अपने शतक से 13 रन दूर श्रीसंथ का शिकार बने। अंतिम ओवरों में हैडिन ने अपना आक्रमक रुख जारी रखते हुए टीम के स्कोर को 306 तक पहुंचा दिया।





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vinay
Wednesday, 3rd Oct 2007, 9:44
i am notn satisfy with the game played by indians.
Tejveer Singh
Wednesday, 3rd Oct 2007, 11:25
Ek baat hai jo samajh mein nahi aati ki Indian player dar kayon jate hain. Jab pata hai 5-6 wickets ja chuki hain phir bhi dhire-dhire khel rahe hain. Pata hai parajay nichchit hai to kyona stroke khelen jayen kaya pata hum jeet jayen. Bus inko to ek baat dhyan mein rahti hai 50 over pure khelne hain. Agar south Africa aisa socta to kaya woh 438 ran bana sakta tha. To waisa jazba hamare players kyon nahi dikhate hai.