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मकान में घुसा जानवर ‘बिज्जू’

जयपुर. आमेर इलाके में दिखाई दिया अनोखा जानवर असल में दुर्लभ प्रजाति का संरक्षित जानवर ‘बिज्जू’ निकला। वन विभाग वालों द्वारा पहचान करने से पहले bijjuलोग उसको सेही या भालू का बच्च या बड़ा नेवला मान रहे थे।

सोमवार रात 11 बजे कुंडा निवासी पोप सिंह यादव के घर में यह जानवर घुस गया था। लोगों की सूझबूझ से बिज्जू को एक पिंजरे में कैद कर लिया, जिसे मंगलवार अपराह्न् वन विभाग कर्मचारियों की मदद से बोरे में पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया।

पोप सिंह ने बताया कि यह जानवर कई महीनों से यहां आता रहता था, लेकिन इसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। घर के बाहर कई फलदार पौधे होने से यह उनके लालच में आता रहता था, लेकिन हमने जब इसे बिल्ली जैसे जानवर का शिकार करते देखा तो हम सतर्क हो गए। फिर उसको पकड़ने के लिए एक बड़े पिंजरे में राशन रख दिया। रात 11 बजे बिज्जू उसमें फंस गया। रातभर पिंजरे में रखने के बाद सुबह वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। कर्मचारियों ने सावधानी से उसे बोरे में रखा और जैसे ही नाहरगढ़ जैविक उद्यान के रामसागर पाल पर बोरे का मुंह खोला तो बिज्जू तेजी से जंगल में भाग छूटा।

कैसा होता है बिज्जू
नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर के वनपाल तेज कुमार ने बताया कि पहले कभी जंगल में इस जानवर को नहीं देखा गया। बिज्जू की औसत लंबाई 60 इंच और वजन लगभग 10 किलो के आसपास होता है। इसका रंग पूरा काला या पीठ ऊपर से सफेद होती है। यह छोटे जंगली जानवरों व मृत जानवरों का मांस खाकर जीवनयापन करता है। अब जंगलों में भोजन कम होने और शिकार होते रहने से यह दुर्लभ हो गया है।

तेज कुमार ने बताया कि बिज्जू पूरी तरह से स्वस्थ था, इसलिए उसे जंगल में छोड़ने का निर्णय लिया गया। अगर वह बीमार या घायल होता तो उसे जंतुआलय में रखा जाता। फिलहाल जंतुआलय में दो बिज्जू मौजूद हैं।

ओ कस्यो जानबर छै!
जब आसपास के लोगों को पोप सिंह के घर में अनोखा जानवर होने का पता लगा तो उसको देखने भीड़ उमड़ पड़ी। बड़े-बुजुर्गो ने भी यही कहा, ‘अरे ओ कस्यो जानबर छै!’ बाद में वन विभाग के कर्मचारियों ने उसकी पहचान की।





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