राज्य के विभिन्न अंचलों से. गुर्जरों ने गांधीजी का मान रखते हुए मंगलवार को पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से गिरफ्तारियां दीं। गुर्जरों ने दावा
किया कि साढ़े चार लाख लोग गिरफ्तारी देने आए। सरकार ने देर रात 62 हजार गिरफ्तारियों की पुष्टि की। गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि अंतिम रूप से गिरफ्तारी की संख्या तो बुधवार को ही स्पष्ट होगी, लेकिन ट्रकों के हिसाब से जो तादाद निकली है, वही अभी तक पता लग सकी है।
गांधी जयंती का दिन तमाम अफवाहों और आशंकाओं के बीच शांति से गुजरा। आश्चर्यजनक रूप से गुर्जरों के साथ सरकार ने पुलिसकर्मियों की संख्या नहीं के बराबर रखी। जहां पुलिस वाले साथ थे, उनमें से ज्यादातर के पास रिवाल्वर नहीं थी। एक दर्जन से ज्यादा जिलों में सड़कों पर रंगबिरंगी पगड़ियों में गिरफ्तारियों के लिए जा रहे लोग ही नजर आए। हर जगह वाहनों का काफिला नजर आ रहा था। हर तरफ ‘ये दीवाने कहां चले, जेल चले भाई, जेल चले’जैसे नारे सुनाई दे रहे थे। कई गांवों में सोमवार रात से गिरफ्तारियों के लिए रवानगी हो गई। कई जगह मंगलवार सुबह गिरफ्तारी के लिए लोग अपने घरों से निकले।
गुर्जरों का दावा है कि हर घर से एक आदमी गिरफ्तारी देने आया। किसी महिला ने अपनी पति तो किसी ने बेटे और किसी ने अपने भाई को तिलक लगाकर गिरफ्तारी देने भेजा। किसी भी स्थान पर ऐसा नहीं लगा कि गुर्जर जेल जा रहे हैं। वरन ढोल, तालों और कई वाद्ययंत्रों से ऐसा माहौल बना कि जैसे कोई उत्सव हो। भास्कर की टीम हर गिरफ्तारी स्थल और उन मार्र्गो पर मौजूद थी, जहां से इन आरक्षण के दीवानों को गुजरना था।
भास्कर टीम को गुर्जरों ने बताया कि वे पूरी जेलों को भर देंगे और तब तक जेलों में रहेंगे, जब तक सरकार आरक्षण की चिठ्ठी नहीं भेज देती।
* गुर्जरों ने जिस अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से गिरफ्तारियां दी हैं, उससे साफ हो गया कि गुर्जर न तो हिंसक हैं और न ही पिछले दिनों हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं। हमारे द्वार आरक्षण मामले पर बातचीत के लिए खुले हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई न्यौता नहीं मिला है।
—कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला
* जिस उत्साह से गुर्जरों ने गिरफ्तारियां दी हैं, उससे सरकारी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। कोटा में गुर्जरों को जेल में रखने को जगह नहीं है। दस हजार गुर्जरों को बसों में भरकर जंगलों में छोड़ा गया है। हम शांतिपूर्वक अपना हक चाहते हैं, लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
—प्रहलाद गुंजल
आज क्या होगा
गुर्जर:
* बुधवार को भी प्रदेशभर में गिरफ्तारियां दी जाएंगी।
* यह सिलसिला पांच अक्टूबर तक चलेगा।
* 6 अक्टूबर से देशव्यापी गिरफ्तारियां दी जाएंगी।
* कोर कमेटी का फैसला बुधवार को जेलों में गुर्जर बंदी शांति पाठ।
सरकार:
* राज्य सरकार गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी रखेगी।
* शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए गुर्जरों की प्रशंसा, आगे भी शांति बनाए रखने की अपील।
* सरकार के प्रतिनिधि जेलों में गुर्जर नेताओं से मिले।
संबंधित खबरें
* खेतड़ी में गिरफ्तारी देंगे बीकानेर के गुर्जर
* गिरफ्तारी देने ट्रैक्टरों में जाएंगे गुर्जर
* जेल भरेंगे गुर्जर