अजमेर. गुर्जर समाज के नेता मंगलवार देर रात कुर्सी के विवाद को लेकर एडीएम प्रशासन और आरआरटीआई अस्थायी जेल प्रभारी लीलाधर यादव से उलझ
गए। प्रशासन ने गुर्जर नेताओं द्वारा एडीएम के साथ बदसुलूकी और धक्का-मुक्की करने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक रणवीर सिंह गुढ़ा, जेल भरो आंदोलन अजमेर संभाग के प्रभारी राजेंद्र सिंह विधूड़ी, गुर्जर आरक्षण कोर कमेटी के सदस्य सौरभ बजाड़ और करणी सेना के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह को धारा 151 में गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
प्रशासन ने गुर्जर समाज के आंदोलन में गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे पदाधिकारियों और विधायक रणवीर सिंह गुढ़ा को राजस्व अनुसंधान प्रशिक्षण संस्थान में बनाई गई अस्थायी जेल में बंद रखने का फैसला किया था। समाज के नेता और विधायक जेल में मौजूद अफसरों की कुर्सियों पर बैठ गए। हालत यह हुई की जेल प्रभारी एडीएम यादव को खड़े रहना पड़ा। इस पर यादव ने बजाड़ से कुर्सी खाली करने को कहा तो वह भड़क गया। बजाड़ ने यादव को तमीज से बात करने की नसीहत देते हुए इसे गुर्जरों का अपमान बताया। इतना होते देख विधायक गुढ़ा और विधूड़ी भी यादव से अभद्र व्यवहार करने पर उतर गए।
उन्होंने यादव को जेल छोड़कर चले जाने की चेतावनी दी। यादव ने मामला शांत करने के लिए गुर्जरों को समझाने का प्रयास किया। इस पर करणी सेना के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ने भी यादव के साथ बदसलूकी की। समझाइश के प्रयास के दौरान गुढ़ा के साथ आए एक युवक ने यादव को गाली बकते हुए धक्का दिया। इतना होते देख यादव क्रोधित हो गए, यादव ने गुर्जर नेताओं को बंदी की तरह रहने की नसीहत दी।
यादव ने स्पष्ट कहा कि वे नौकरी छोड़ सकते हैं लेकिन इस तरह की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं कर सकते। साथी अफसरों ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख गुढ़ा और विधूड़ी यादव को हाथ जोड़कर मनाने लगे और युवक की गलती के लिए अफसोस प्रकट करने लगे। यादव ने जिला प्रशासन को मामले की जानकारी दी।
पुलिस द्वारा इस्तगासा पेश करने पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट मातादीन रेणवाल ने 26 पदाधिकारियों से 22 को अस्थायी जेल में बंद करने और 4 को सेंट्रल जेल भेज दिया। कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश से विधायक गुड़ा, विधूड़ी, बजाड़ और विक्रम सिंह को सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया।