बीकानेर. भाभा परमाणु अनुसंधान संस्थान (बार्क) के वैज्ञानिक डॉ.राजन का कहना है कि विभिन्न रोगों के इलाज को दूर करने के लिए तैयार की जा रही एंटीबॉडीज
में ऊंट सबसे उत्तम पशु है। एंटीबॉडीज के लिए आवश्यक कंटीनेंस चाहिए वह ऊंटों में सबसे अधिक है।
अन्य पशुओं में इतनी संभावना नहीं है। एक दिन की यात्रा पर राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान संस्थान (एनआरसीसी) आए डॉ.राजन ने ‘भास्कर’ से विशेष बातचीत में कहा कि एनआरसीसी व बार्क के बीच हुए एमओयू के बाद ऊंट के खून से ऐसा अनुसंधान किया जा रहा है जिससे थायराइड कैंसर, ट्यूबर क्लोसेस का इलाज हो सके। वे इसी अनुसंधान की समीक्षा के तहत यहां आए हुए थे। उन्होंने उन ऊंटों को भी देखा जिन पर ये परीक्षण चल रहा है। पिछले तीन महीनों में बार्क से तीन टीमें आ चुकी हैं। बार्क के ग्रुप डायरेक्टर डॉ.वेणुगोपाल भी पिछले माह यहां आए थे।
डॉ.राजन का कहना है कि अभी ऊंटों के खून का सैंपल एकत्र कर इसका प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद थायराइड कैंसर के लिए इंजेक्शन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंजेक्शन तैयार होने के बाद सात चरणों में इसका परीक्षण किया जाएगा। सीधे मनुष्य के ऊपर इसका प्रयोग नहीं होगा। सबसे पहले चूहों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यदि यह अनुसंधान सफल हुआ तो वह दुनिया का दूसरा और भारत का पहला प्रयास होगा।
एनआरसीसी के निदेशक डॉ.के.एम.एल.पाठक ने बताया कि अब अगले माह एनआरसीसी से एक टीम बार्क मुख्यालय मुंबई जाएगी और प्रोजेक्ट संबंधी चर्चा की जाएगी।