उदयपुर. स्कूलों में तो गांधीजी की सत्य, अहिंसा, निष्ठा का पाठ पढ़ाया गया, लेकिन शहर में अहिंसा दिवस और ड्राय डे के नियमों का सख्ती से पालन कराने में प्रशासन पिछड़ गया।
जिस तरह नेताओं ने गांधी प्रतिमा पर पीछे से माल्यार्पण किया कुछ इसी तरह शहर से लेकर हाइवे तक की होटलों-शराब दुकानों में आधा शटर खोलकर या पीछे के रास्ते से शराब बेची गई, मांस परोसा गया।
‘भास्कर’ ने बापू की जयंती पर ड्रॉय डे और अहिंसा दिवस की पालना की पड़ताल की तो धज्जियां उड़ती मिली। नगर परिषद के ठीक सामने गली में चिकन कॉर्नर का पूरा शटर खुला रहा तो सूरजपोल मीट मार्केट में बिजली और टेलीफोन के खंभों पर बकरे और भेड़ बंधी रही।
आधे शटर उठाकर मीट ग्राहकों को सप्लाई की गई और विक्रेता शटर नीचे कर दुकानों के बाहर जमघट लगाकर बतियाते दिखे। देबारी, बलीचा, गोवर्धन विलास, इंदिरा कॉलोनी, सलूंबर चौराहा, खांजीपीर, मल्लातलाई में मीट की दुकानें खुली रही।
यहीं नहीं चेटक पर संचालित मांसाहार की दुकानें खुली रही और वहां रोजाना की तरह ग्राहकों को नॉनवेज परोसे गए। यह माजरा कांग्रेस पार्टी के चेटक स्थित कार्यालय के ठीक पीछे दिन भर चला। गोवर्धन विलास में राजस संघ के मत्स्य केंद्र से मछलियों की बिक्री हुई। उस पर भी लगाम रखने वाला कोई नहीं था।
हाइवे की होटलों पर बिकी शराब
शहर से निकलते ही अहमदाबाद हाइवे पर बलीचा स्थित होटलों में ऑर्डर पर नॉनवेज परोसा गया। यहां स्थित शराब की दुकानों के शटर गिरे रहे, लेकिन उनके नीचे से शराब बेची गई। ऐसी दुकानों के बाहर और अंदर विक्रेता बैठे रहे। बाहर कुर्सी लगाकर बैठा विक्रेता रोजाना से ज्यादा कीमत वसूलता रहा, वहीं दुकान के अंदर बैठा वितरक शटर के नीचे से शराब की बोतल निकालकर देता रहा। इन दुकानों और होटलों पर पहुंचने वाले अधिकांश ग्राहक शहर के युवा ही थे।
* 2 अक्टूबर को पूर्व घोषित है कि मीट की दुकानें नहीं खोलनी है। मीट और मांसाहार भोजनालयों पर इस दिन व्यवसाय करने की पाबंदी रहती है। कोई व्यवसाय करता है तो कार्रवाई होती है।
—बसंतीलाल पितलिया, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर परिषद
* मंडी में मैंने सबसे बड़े ठेकेदार से पता किया था तो उनकी शॉप पर कोई फोन नहीं उठा रहा था। दुकान बंद थी इसलिए नहीं उठाया। अगर राजस संघ का मत्स्य केंद्र गोवर्धन विलास में खुला था तो गलती है। जयसमंद के आदिवासी लोगों को यह केंद्र किराए पर दे रखा है। नगर परिषद को ऐसे में कार्रवाई का अधिकार है।
—इस्माइल अली दुर्गा, उपनिदेशक मत्स्य
* विजिलेंस रहती है, लेकिन गुर्जर आंदोलन के कारण आबकारी अधिकारी राजसमंद गए हुए हैं और एक इंस्पेक्टर चैकिंग कर रहा है। दुकानें खुली मिलने पर ब्रीच ऑफ लाइसेंस की कार्रवाई करते हुए आर्थिक दंड का प्रावधान है।
—सीपी व्यास, आयुक्त, आबकारी