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वनडे में पांच दिन : सिक्योरिटी स्टम्पड

चंडीगढ़8 अक्टूबर को सेक्टर-16 के क्रिकेट स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वन डे इंटरनेशनल मैच खेला जाना है और यहां करीब 27 हजार लोगों के इकट्ठा होने की उम्मीद है। क्रिकेट स्टेडियम के भीतर और बाहर किए गए सिक्योरिटी इंतजाम को देखकर कतई अहसास नहीं होता कि यहां इतना बड़ा इवेंट होने जा रहा है। दिन हो या रात स्टेडियम में किसी भी वक्त घुसा जा सकता है। इन दिनों स्टेडियम के अंदर काम चल रहा है। मंगलवार दोपहर को मेन गेट पर सिक्योरिटी के नाम पर एक संतरी पहरा दे रहा था और एक सब इंस्पेक्टर कुर्सी पर बैठे थे। कौन भीतर आ रहा है, कहां जा रहा है इससे उनका कोई वास्ता नहीं। दोपहर भास्कर टीम के साथ ऐसा ही हुआ।

भास्कर संवाददाता न केवल ऑस्ट्रेलियन ड्रेसिंग रूम के भीतर टॉयलेट्स तक पहुंचे, बल्कि मेन ग्राउंड और इलैक्ट्रॉनिक स्कोर बोर्ड के नीचे बने कमरों तक बेरोकटोक घूमते रहे। रात को 10.00 बजे दोबारा से यही इंतजाम देखे गए। स्टेडियम के मेन गेट पर पुलिस का पहरा था, लेकिन २क् फीट पर दूसरा गेट था जहां न कोई पहरा, न गेट पर ताला। रस्सियों से बांधे गए इस गेट को खोला गया। गेट में अंदर गए, नई प्रेक्टिस पिच के पास तक। कैमरे की फ्लैश चमकती देख, वहां तैनात सिक्योरिटी ने खुद ही अंदाजा लगाया कि प्रेस होगी। इसलिए किसी न नहीं रोका। स्टेडियम के अंदर वीवीआईपीज के लिए किए इंतजामों के आसपास पहुंचा गया। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने में भी किसी ने नहीं रोका। प्लेयर के पैवेलियन की सिक्योरिटी करने वाला वहां कोई भी नहीं मिला। (भास्कर टीम ने खुद स्टेडियम में घुस कर यह मुआयना किया)

पहरा एक जगह, एंट्री प्वाइंट कई यहां चंडीगढ़ पुलिस तैनात है, जबकि मेन गेट के कुछ दूरी पर स्थित गेट खुले हुए हैं, वहां कोई पहरा नहीं है। इतना ही नहीं स्टेडियम से पास पार्क शांति कुंज के साथ बना गेट भी खुला हुआ पाया गया और यहां भी कोई पहरा नहीं। स्टेडियम के अंदर मजदूर बे-रोक टोक अंदर घूमते पाए गए।क्या इंतजाम होने चाहिएसिक्योरिटी विशेषज्ञों की माने तो ऐसे आयोजनों से ठीक पहले प्रशासन और पुलिस जरा भी लापरवाही नहीं बरतती।- स्टेडियम के भीतर काम करने वाले हर व्यक्ति पर नजर होती है।

स्टेडियम के भीतर और बाहर की सुरक्षा का जिम्मा हमारे पास है। हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने भी अपने स्तर पर कुछ इंतजाम किए हैं, जो गेट खुले हैं उन्हें बंद करवा दिया जाएगा। —जगबीर सिंह, डीएसपी (सीआईडी), चंडीगढ़ पुलिस

स्टेडियम के अंदर जाने वाला सामान चेक किया जाता है।

पिच की हिफाजत के लिए रात-दिन नजर रखी जाती है।

मेन गेट के अलावा बाकी रास्तों को सील किया जाता है ताकि यहां से कोई भीतर न आ सके।





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