अटारी बॉर्डर इंटरनैशनल अटारी बॉर्डर पर मंगलवार को टमाटर के 17 व भैंसे के मांस के 19 ट्रक पाकिस्तान भेजे गए। उधर, ट्रक सेवा का विरोध कर रहे कुलियों का दूसरे दिन ही गुस्सा ठंडा पड़ गया और वे मान गए। उन्होंने कस्टम कमीश्नर तारकेश्वर के साथ मीटिंग करके अपनी रोटी-रोजी से जुड़े शिकवे-गिलों को दूर किया। इस बीच एसएसपी कुंवर विजय सिंह ने अटारी बॉर्डर पर पुलिस चौकी काहनगढ़ को पुलिस स्टेशन में तबदील कर दिया है।
सोमवार को कुलियों द्वारा ट्रकों की तोड़फोड़ के मद्देनजर मंगलवार को बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। घुड़सवार पुलिसकर्मियों के अलावा वाटर कैनन को भी तैयार रखा गया था।
मगर कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। गौरतलब है कि जब से अटारी बॉर्डर को व्यापार के लिए खोला गया है, पाकिस्तान ने एक बार भी अपना माल यहां नहीं भेजा। अभी तक अफगानिस्तान का ड्राईफ्रूट ही पाक से होता हुआ अटारी बॉर्डर पर पहुंचता है। असिस्टैंट कमीश्नर (कस्टम) विराट दत्त चौधरी ने बताया कि मंगलवार को ट्रकों से माल उतारने में सीमा पार कोई कठिनाई पेश नहीं आई। अगले दो हफ्तों के भीतर पाकिस्तानी सीमेंट के ट्रक यहां आने लगेगें।
कस्टम विभाग का मानना है कि आयात-निर्यात के लिए अलग गेट तैयार हो जाने पर अटारी बॉर्डर पर आयात-निर्यात कई गुणा बढ़ जाएगा। इसकी वजह यह है कि रेलमार्ग की तुलना में सड़क मार्ग से माल भेजना और मंगाना न सिर्फ सस्ता पड़ता है, बल्कि समय भी बहुत कम लगता है।