जालंधर उम्र कहने को तो एक नंबर है, लेकिन इंडियन टीनएजर्स से यह सवाल किया जाए तो वे आंकड़ों की झड़ी लगा देते हैं। ड्राइविंग के लिए उम्र 18 साल, शादी के लिए 21 और 18, वोटिंग के लिए 18, कंसेंट फॉर सैक्स 18, एडल्ट मूवी देखने के लिए 18 साल..अब इसमें एक और नंबर जुड़ने वाला है। टैली कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत 16 साल की उम्र तक के बच्चों के लिए मोबाइल बैन किया जाएगा। कर्नाटक में पिछले दिनों इसे लागू भी किया जा चुका है।
जब सिटी के स्टूडैंट्स और लीगल एक्सपर्ट्स से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा हमारे यहां कानून बना दिए जाते हैं लेकिन इनमें बहुत सी कमियां रह जाती हैं। जो अपने आप में कन्फ्यूजन क्रिएट करती हैं। लाला जगत नारायण डीएवी मॉडल स्कूल में दसवीं के स्टूडैंट विकास ने कहा, पहले से ही कानून में टीनएजर्स से फंसे हैं अब मोबाइल यूज करने में भी कानून। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के केस लेने वाले एडवोकेट राजकुमार भल्ला भी मानते हैं इस तरह के कानून कनफ्यूजन बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा, कंसेंट फॉर सैक्स 18 साल है, लेकिन उन्हें कोर्ट ले जाया जा सकता है। गवर्नमेंट के अनुसार शादी की ऐज 18 साल है, लेकिन यदि 18 साल से कम उम्र की लड़की किसी एडल्ट से शादी करती है तो गवर्नमेंट क्या करेगी। आजकल के टीनएजर्स 15 साल के बाद के बाद से गाड़ी चला सकते हैं, तो 16 साल की उम्र तक मोबाइल क्यों नहीं रख सकते।
गवर्नमेंट का यह लॉजिक कुछ समझ में नहीं आता। मॉडल टाउन की पूनम मानती हैं कि आजकल मोबाइल का बहुत ज्यादा मिसयूज हो रहा है। बच्चे हर समय इसी में लगे रहते हैं यदि ऐसा कानून बनता है तो अच्छा ही रहेगा। टॉवर एन्क्लेव फेज-2 की रेनु भी इससे सहमत हैं। कूल रोड की भी नमिता मानती हैं 16 साल की उम्र तक मोबाइल बिल्कुल अलाउ नहीं होना चाहिए। वहीं चहार बाग की सीमा ने कहा अगर मोबाइल के वाइब्रेशन से 16 साल के उम्र के बच्चों को प्रॉब्लम हो सकती है तो वह उससे अधिक उम्र के लोगों को भी हो सकती है। इसमें उम्र से कोई मतलब ही नहीं। अगर मोबाइल के नुकसान हैं तो कहीं ज्यादा फायदे हैं। दयानंद मॉडल स्कूल के प्रिंसीपल राजकुमार सहगल ने कहा आज टैक्नोलॉजी का जमाना है। आने वाले समय में मोबाइल लैपटॉप बन जाएगा और बच्चों के लिए जरूरी हो जाएगा। प्रयास इस बात का किया जाए कि इसका दुरुपयोग न हो।