कोच्चि.
गांधी जयंती के दिन भारतीय क्रिकेट सितारे गांधीगीरी को भुलाकर हिंसक शब्दों का युद्ध लड़ेंगे, इसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हरभजन सिंह ने गेंदबाजी व बल्लेबाजी के दौरान व श्रीसंथ ने गेंदबाजी के दौरान मेहमानों के साथ अनावश्यक वाकयुद्ध व विकृत भाव-भंगिमा का सहारा लिया, जिसकी तीखी आलोचना हो रही है।
अजीबो गरीब हरकतों के लिए बदनाम तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंथ ट्वेंटी-20 वल्र्डकप और बेंगलूर में खेले गए पहले वनडे के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की हिट लिस्ट में नंबर वन गेंदबाज बन गए हैं। वैसे मैच के दौरान दोनों ही टीमों का आचरण खेल भावना के बिल्कुल विपरीत था।
श्रीसंथ के तेवरश्रीसंथ ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान पूरे समय कंगारू बल्लेबाजों को कभी आंखें दिखाकर तो कभी मौखिक रूप से उत्तेजित करने का प्रयास करते रहे।
43 वां ओवर
श्रीसंथ व एंड्रयू साइमंड्स के बीच कुछ कड़वे शब्दों का आदान प्रदान भी हुआ।
45 वां ओवर- श्रीसंथ ने पारी के 45 वें ओवर में ब्रैड हैडिन के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की। तब दूसरे छोर पर खड़े साइमंड्स ने पिच के बीच में पहुंच कर श्रीसंथ से कुछ कहा। इसके बाद श्रीसंथ ने अचानक गेंद से नॉन स्ट्राइकर छोर के स्टंप गिराकर रन आउट की अपील कर दी। भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने इस मामले में बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
46.5 ओवर- साइमंड्स को अपनी ही गेंद पर कैच करने के बाद श्रीसंथ ने एक बार फिर उनकी ओर बेहद खराब इशारे करते हुए कुछ कहा।
भज्जी भी कम नहीं21 वां ओवर -
साइमंड्स ने हरभजन की गेंद पर आगे बढ़कर लांग ऑन के ऊपर से छक्का मारा। ओवर खत्म होने के बाद भज्जी व दूसरे छोर पर खड़े मैथ्यू हेडन के बीच बहस हुई।
24.1 ओवर हेडन ने हरभजन की गेंद पर मिड विकेट के ऊपर से छक्का मारते हुए अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद हरभजन को घूरते हुए कुछ कहा। वैसे इस बार हरभजन ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया।
31 वां ओवर इस ओवर में माइकल क्लार्क की गेंद पर एडम गिलक्रिस्ट ने भज्जी को स्टंप आउट कर दिया। हरभजन पिच के बीच में खड़े होकर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की ओर बल्ले से इशारा करते हुए कुछ कहने लगे और अंत में अंपायर स्टीव बकनर के मैदान छोड़ देने के निर्देश के बाद ही वहां से हटे।