पटना.
गोपालगंज के डीएम की हत्या के मामले में यहां की स्थानीय अदालत ने पूर्व सांसद आनंद मोहन, पूर्व मंत्री अखलाक अहमद और पूर्व विधायक अरुण कुमार सिन्हा को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले में आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
राज्य में सत्तारूढ़ दल जनता दल (युनाइटेड) के विधायक मुन्ना शुक्ला, शशि शेखर और हरेंद कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामश्रेष्ठ राय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह सजा सुनाई । मुन्ना शुक्ला लालगंज विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (युनाइटेड) के विधायक हैं।
आनंद मोहन और लवली आनंद बिहार की सत्ताधारी दल जनता दल (युनाइटेड) से जुड़े हुए हैं। इससे पहले एक अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या की कोशिश), 147 (दंगा फसाद) और 427 के तहत इन लोगों को दोषी करार दिया था।
गौरतलब है कि 1994 के दिसंबर माह में बिहार पीपुल्स पार्टी के नेता छोटन शुक्ला की हत्या के बाद अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने राजमार्ग से गुजर रहे गोपालगंज के डीएम जी कृष्णय्या को घेर लिया था और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी थी।
जिस वक्त यह घटना घटी उस समय आनंद मोहन, लवली आनंद, मुन्ना शुक्ला आदि वहीं मौजूद थे। इन लोगों पर आरोप था कि इन्होंने भीड़ को कृष्णय्या की हत्या के लिए उकसाया था। आनंद मोहन उस समय बिहार पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष थे।