कोच्चि:अपनी कप्तानी में भारत को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में यादगार जीत दिलाने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के 75 सालों के इतिहास का सबसे बेहतर कप्तान चुना गया है। उन्हें यह सम्मान10 वें केस्ट्रोल एवार्ड के दौरान दिया गया। यह पुरस्कार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारतीय क्रिकेटरों को दिए जाते हैं।
केस्ट्रोल ने बीती रात एक रंगारंग समारोह में 11 पूर्व क्रिकेटरों को सम्मानित किया। इसमें गांगुली के साथ पूर्व कप्तान स्व. कर्नल सीके नायडु, स्व. वीनू मांकड़, नारी कांट्रेक्टर, चंदु बोर्डे, अजीत वाडेकर, बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर,गुंडप्पा विश्वनाथ, सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़ शामिल हैं। कर्नल नायडु की जगह यह सम्मान उनकी पुत्री चंद्रा और मांकड़ की जगह उनके पुत्र अतुल ने यह सम्मान हासिल किया।
इस अवसर पर नारी कांट्रेक्टर ने रहस्योद्घाटन किया कि वे सलामी बल्लेबाज केवल वीनू मांकड़ के कारण ही बने। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में वीनू के न रहने के कारण ही उन्हें बल् लेबाजी की शुरुआत करनी पड़ी। इससे पहले उन्होंने कभी भी ओपनिंग नहीं की थी। उस समय पाली उमरीगर कप्तान थे। उन्होंने मुझसे ओपनिंग करने को कहा था। उसके बाद वे और वीनू हमेशा के लिए ओपनर बन गए।
इस अवसर पर बेदी ने बताया कि वे सोबर्स के बहुत बड़े फैन थे। वे जब उनकी गेंदों पर चौके-छक्के मारते थे तो उन्हें बुरा नहीं लगाता था। उन्हें खेलते देखना किसी पार्टी से कम नहीं होता था।
इस अवसर पर कर्नल नायडु की बेटी ने कहा कि धोनी की खेलने की शैली उनके पिता से मिलती जुलती है। दोनों ही बड़े छक्के मारने चाहते थे। एक कप्तान के रूप में उनके पिता किसी कमांडर से कम नहीं थे।
छह महान कप्तान: नायडु को 32-47 के बीच बेहतरीन क्रिकेट के लिए नायडु को, 47-61 के लिए मांकड़ को और टाइगर को 61-71 के लिए बेहतरीन कप्तान चुना गया। भारत की ओर से 10,000 रन बनाने पहले बल्लेबाज सुनील गावस्कर को 71-81 के लिए और 400 विकेट हासिल करने वाले पहले गेंदबाज कपिल को 81-97 के लिए सर्वश्रेष्ठ कप्तान चुना गया। द्रविड़ और सचिन को 97-07 के बीच के समय के लिए सर्वश्रेष्ठ कप्तान चुना गया।