जयपुर. जेल पहुंचे गुर्जर समाज के लोगों में भोजन और पानी सहित कई अव्यवस्थाओं की शिकायतें की। कई स्थानों पर दूसरे दिन भी पुलिस ने जेलों के बजाय
लोगों को सड़कों पर छोड़ दिया। इस बीच मुचलके भरने के बजाय सत्याग्रह की गुर्जर नेताओं की अपीलों के बावजूद दो हजार गुर्जर मुचलके भरकर घर चले गए। उधर गिरफ्तारियां दूसरे दिन भी जारी रही। कई जेलों में गुर्जरों ने हंगामा और नारेबाजी की।
नहीं चलेंगे मोबाइल : राज्य सरकार ने प्रदेश की सभी अस्थाई जेलों में अधिकारियों और कर्मचारियों के भी मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों ने सभी बंदियों के मोबाइल फोन तो जमा करवा दिए थे लेकिन बंदियों ने सिम अपने पास रख लिए। पता चला कि इन सिम के इस्तेमाल के लिए जेलों के अधिकारी व कर्मचारी अपने हैंडसेट उपलब्ध करवा रहे हैं।सभी अधिकारियों से कहा गया है कि फिंगर प्रिंट और फोटो लिए बिना किसी भी बंदी को रिहा नहीं किया जाए। आंदोलनकारियों पर सरकार का हर रोज करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो रहा है।
बसों में तोड़फोड : अस्थाई जेलों में बंद गुर्जर समाज के लोगों को समय पर भोजन नहीं देने के विरोध में बुधवार को छात्रों ने सिकंदरा गांव में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद करवा दिए और रोडवेज बसों में तोड़फोड़ की। बसों पर पथराव से चार यात्री घायल हो गए।