बीकानेर. राज्य सरकार ने बीकानेर, जैसलमेर व जोधपुर जिले में तीन कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र खोलने का निर्णय किया है। ये केन्द्र जे.के.ट्रस्ट ग्राम विकास योजना के तहत खोले जाएंगे। प्रत्येक केन्द्र पर एक कंपाउंडर (गोपाल) की नियुक्ति की जाएगी।
300 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र में सौ बीकानेर व इतने ही जैसलमेर व जोधपुर में खुलेंगे। 15 अक्टूबर को बीकानेर में गोपाल की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार होंगे। 16 को जैसलमेर व 18 को जोधपुर में साक्षात्कार होगा। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट को 35 करोड़ रुपए राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड ने दिए हैं। साक्षात्कार के बाद गोपाल का चार महीने का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण के बाद एक गोपाल को एक केन्द्र की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।
गोपाल की नियुक्ति के लिए 10+2 की योग्यता होना अनिवार्य है। बॉयोलॉजी के प्रतियोगी को प्राथमिकता दी जाएगी। बीकानेर में कृत्रिम गर्भाधान खोलने के जगह चिन्हित कर ली गई है। केन्द्र वहीं खुलेंगे जहां पशुपालन विभाग का केन्द्र न हो। ट्रस्ट और सरकार के बीच पांच साल का समझौता हुआ है। ट्रस्ट प्रत्येक गोपाल को प्रशिक्षण के बाद 2500 रुपए प्रति महीने भुगतान करेगा। आवेदन से पूर्व 1000 रुपए जमाकर ट्रस्ट में पंजीकरण कराना होगा। बीकानेर में कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र स्थापित करने का जिम्मा गोवर्धन दास को सौंपा गया है।
गौरतलब है कि भास्कर ने ट्रस्ट के मार्फत 300 केन्द्र स्थापित करने की खबर पांच महीने पहले ही प्रकाशित की थी। उस वक्त ट्रस्ट और पशुपालन विभाग के निदेशक के बीच समझौता हुआ था। अब इसे अंतिम रूप देना बाकी है।
गोवर्धनदास ने बताया कि 15 अक्टूबर को साक्षात्कार के बाद गोपाल को केन्द्र पर भेजा जाएगा। प्रशिक्षण मुफ्त में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोपाल को नौकरी नहीं बल्कि स्वरोजगार मानें, क्योंकि प्रशिक्षण लेने के बाद गोपाल कृत्रिम गर्भाधान प्रक्रिया सीख जाएंगे। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ.करतारसिंह ने कहा कि केन्द्र के मार्फत पशु पालकों का हित होगा।