बीकानेर. राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की काउंसिलिंग के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने बीएड डिग्रीधारियों के लिए पद जुटाने की कवायद भी तेज कर दी है।
शिक्षा विभाग को छह हजार प्राथमिक शालाओं के उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत होने का इंतजार है। यह कार्य अब मुख्यमंत्री के पास है। इन स्कूलों में क्रमोन्नति होने पर विभाग को बीएड डिग्रीधारियों के लिए रिक्त पद मिल जाएंगे। पदों का आबंटन एसएसए के माध्यम से होगा।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार को हाल में विभाग ने एसएसए के रिक्त पदों का मिलान करने के साथ यह रास्ता सुझाया है, ताकि रिक्त पदों की व्यवस्था शीघ्र हो सके। राज्य में 18760 बीएड डिग्रीधारियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक के पदों पर नियुक्तियां दी जानी है, जबकि वर्तमान में विभाग के पास 7378 पद ही रिक्त हैं। स्थिति यह है कि बाड़मेर में 1200 और बीकानेर में करीब सात सौ पद विज्ञापित किए गए हैं, जबकि इतने पद ही नहीं है। बीकानेर में करीब सौ पद ही रिक्त बताए जाते हैं। विभाग ने उपनिदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों से रिक्त पद मांगे थे लेकिन उनकी व्यवस्था नहीं हो पाई। अब विभाग की उम्मीद प्राथमिक शालाओं की क्रमोन्नति पर ही टिकी हुई है।
अजमेर में बुधवार शाम तक करीब सात हजार अभ्यर्थियों को जिला आबंटन का काम पूरा हो चुका है। पहली खेप में दस हजार को जिला आबंटन किया जाना है। यह कार्य तीन या चार दिनों में पूरा हो जाएगा। उसके बाद शिक्षकों को नियुक्तियां देने का काम शुरू होगा। इस लिहाज से विभाग को पंद्रह दिनों के भीतर रिक्त पदों की व्यवस्था करनी है।
न्यायालय के निर्देश हैं
न्यायालय ने बीएसटीसी योग्यताधारियों को कक्षा एक से आठ एवं बीएड डिग्री धरकों को केवल कक्षा छह, सात, आठ में पढ़ाने के लिए ही पात्र माना है। यही कारण है कि 18760 बीएड और 9305 बीएसटीसी योग्यता वालों के लिए अलग-अलग रिक्तियां जारी की गई। हालांकि बेरोजगारों और शिक्षक संगठनों ने उस वक्त आरोप लगाया था कि राज्य में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पद रिक्त नहीं है।
यह विज्ञापन बीएड योग्यता वालों को अधिक लाभ देने के लिए जारी किया गया है लेकिन उस वक्त उनकी किसी ने सुनी नहीं। आरपीएससी ने परीक्षा लेकर चयन कर दिया। जिला आबंटन के बाद बीएसटीसी योग्यता वाले 9053 को प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्तियां मिल गई हैं।
चल रही है कवायद
शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6600 बीएसटीसी योग्यता वाले शिक्षकों को उच्च प्राथमिक से प्राथमिक विद्यालयों में लगाकर पद रिक्त किए हैं। विभाग 6507 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में द्वितीय श्रेणी के प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों के विरुद्ध उसी विद्यालय के वरिष्ठतम तृतीय श्रेणी शिक्षक को लगाकर पद रिक्त करने की कवायद भी कर रहा है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग को 6000 प्राथमिक विद्यालय के उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत होने का इंतजार है, जिनमें तृतीय श्रेणी के पद मिलेंगे। उन पर बीएड डिग्रीधारकों की नियुक्तियां की जा सकेंगी। विभाग ने वर्तमान में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी सर्व शिक्षा से पद मांगे हैं।
विडंबना यह है कि विज्ञापन प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जारी किया था और अब नियुक्तियां पंचायतीराज विभाग करवा रहा है। विज्ञापन के समय स्कूल क्रमोन्नत करने के अधिकार शिक्षा मंत्री के पास थे अब मुख्य मंत्री के पास हैं।
* राज्य सरकार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जिलेवार रिक्त पदों की प्रमाणित प्रति प्रकाशित करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों में फैल रही भ्रांति दूर हो।
भंवर पुरोहित, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शिक्षक संघ(शेखावत)
* मुख्यमंत्री पहल करके सर्व शिक्षा से पदों का आबंटन और स्कूल क्रमोन्नत करवाए, ताकि नियुक्तियों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए।
महेन्द्र पांडे, महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ