भोपाल. आसमान छूते प्याज के दाम जल्द जमीं पर आएंगे। महाराष्ट्र की प्याज ने इंदौर मंडी में अपनी आमद दे दी है और जल्द ही इसका असर भोपाल में भी देखने को मिलेगा।
अगले 15-20 दिनों तक बरसात नहीं हुई तो प्याज के दामों में करीब 40-50 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। इससे फुटकर बाजारों में फिलहाल 20-25 रुपए प्रति किलो बिकने वाला प्याज फिर से 10-12 रुपए प्रति किलो पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
दोगुनी हुई है बोवनी-
इस साल देश के ज्यादातर क्षेत्रों में इसकी बोवनी पिछले साल की तुलना में दोगुना ज्यादा हुई थी। प्याज व्यापारी अब्दुल समद के अनुसार यह बोवनी इतनी अधिक तादाद में है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में बरसात से प्याज को नुकसान पहुंचने के बावजूद इसकी कमी नहीं हो सकती है।
राजधानी में बुधवार को लगभग 250 क्विंटल प्याज की आवक मालीखेड़ी, विदिशा, रायसेन, गैरतगंज, शमशाबाद, कोड़ी, नरेला, ईंटखेड़ी, बैरसिया, होशंगाबाद आदि क्षेत्रों से हुई।
बढ़ती कीमत पर कोई नियंत्रण नहीं
प्याज की बढ़ी कीमतों को लेकर राज्य सरकार असहाय नजर आ रही है। जहां खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह स्थिति के लिए केंद्र की नीतियों को दोषी बता रहे हैं वहीं विभाग के आयुक्त केपी सिंह का तर्क है कि प्याज के आवश्यक वस्तु अधिनियम में न आने के कारण विभाग उसकी कीमतों पर नियंत्रण नहीं कर सकता।
जारी है जमाखोरी
बाजार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस साल मार्च तथा अप्रैल में बड़े व्यापारियों ने प्याज की नई फसल कम दाम में खरीद कर उसका स्टोरेज कर लिया। शहर के कई बड़े शादी हाल भी इस काम के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
कभी महाराष्ट्र में आई बाढ़ और कभी इंदौर मंडी में हुई हड़ताल का बहाना बना कर प्याज मनमाने दाम में बेची जाती है। यह सिलसिला अब भी जारी है।
हालांकि केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर एक सप्ताह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है, किंतु स्थिति संभल नहीं रही है। भोपाल कलेक्टर आरके माथुर का कहना है कि जमाखोरी की शिकायत मिलने पर प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगा।