भोपाल. भाजपा सरकार अपने मिशन 2008 की तरफ एक कदम आगे बढ़ाते हुए अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी)के छात्र-छात्राओं को मिलने वाले लाभ का दायरा बढ़ाने जा रही है। इसके तहत ओबीसी परिवार की सालाना आय 75 हजार रूपए तक होने पर भी उनके स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को वजीफा मिलता रहेगा।
अभी परिवार की सालाना आय सीमा के लिए 25 हजार रुपए का प्रावधान है। इस संबंध में गुरुवार को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव लाया जा रहा है। मंत्रालय में सुबह 11 बजे आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विचार कर इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
कैबिनेट की एक माह बाद हो रही इस बैठक में यह छात्रवृत्ति अगले पांच वर्र्षो तक देने का इरादा है। इसके लिए 11 वीं और 12 वीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 11 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत केंद्रीय मदद से छात्रवृत्ति देने के लिए वर्ष 2007-08 के बजट में 80 करोड़ 53 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है,जबकि इस मद में केंद्र सरकार वर्ष 2012 तक 255 करोड़ 90 लाख रुपए देगी।
इसी तरह राज्य सरकार 6 वीं से 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले ओबीसी के छात्र-छात्राओं को राज्य की ओर से वजीफा देने का सिलसिला जारी रखेगी। इसके लिए वर्ष 2007-08 के बजट में 40 करोड़ 40 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इस मद में प्रदेश सरकार अगले पांच साल में 235 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
ग्रीन कार्ड धारियों के बच्चों को शिक्षण शुल्क में छूट
परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराने वाले ग्रीनकार्ड धारी व्यक्तियों के बच्चों को अब सरकारी और अनुदान प्राप्त मेडिकल, इंजीनियरिंग,पालीटेक्नीक और आईटीआई शिक्षण संस्थाओं में शिक्षण शुल्क में छूट मिलेगी। यह छूट केवल एक डिग्री कोर्स के लिए दी जाएगी।
पोरसा कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट
मुरैना जिले के पोरसा में पुलिस एवं असामाजिक तत्वों के बीच हुई मुठभेड़ की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में विचार किया जाएगा। 3 सितंबर, 04 की इस घटना की जांच के लिए मुरैना के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके महाजन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया गया था।
आयोग ने इस घटना के वक्त पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तुरंत एहतियाती कदम न उठाने और घटना स्थल पर पहुंचने में विलंब करने का उल्लेख किया है। इसके लिए उसने वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। दूसरी ओर गृह विभाग ने घटना के लिए जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा जताया है।
लोकायुक्त की रिपोर्ट पर चर्चा होगी
बैठक में लोकायुक्त और उप लोकायुक्त की 24 वीं रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। हालांकि यह रिपोर्ट लोकायुक्त रिपुसूदन दयाल ने जून 2006 में राज्यपाल डा बलराम जाखड़ को सौंपी थी। जिसमें किसी भी मंत्री और अखिल भारतीय सेवा के अफसर पर कोई आंच नहीं है।
मुख्यमंत्री समेत आठ मंत्रियों के खिलाफ आई शिकायतों को जांच के बाद फाइल कर दिया गया है। इसी तरह झील संरक्षण प्राधिकरण की एक शिकायत आईएएस अनिरूद्ध मुखर्जी के खिलाफ आई थी, उसमें श्री मुखर्जी के खिलाफ जांच खत्म हो गई है। रिपोर्ट में केवल छोटे अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ टिप्पणी की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
निजी क्षेत्र को तवज्जो देने संबंधी नई आवास नीति को मंजूरी मिलने के आसार
पर्यटन विकास के लिए सरकारी और नजूल भूमि मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम को देने पर विचार
दुग्ध संघों के दूध संकलन और वितरण वाहनों को टोल टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव
आदिवासियों को उनके मालिकाना हक की निजी जमीन किसी गैर आदिवासी को बेचने की इजाजत।