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जमीन ही नहीं, कैसे बनेंगे मकान!

जोधपुर. नई आवासीय योजनाओं को लेकर राजस्थान आवासन मंडल कागजी घोड़े ही दौड़ा रहा है। जोधपुर संभाग के अधिकांश कस्बों में आम-आदमी को मकान का homeख्वाब दिखा चुका मंडल भूमि अधिग्रहण या अवाप्ति की कार्रवाई सुस्त रफ्तार से चला रहा है। केवल पिंडवाड़ा को छोड़कर अन्य शहर-कस्बों में नई योजनाओं में ठोस प्रगति नहीं है।

आवासन मंडल ने संभाग के जोधपुर, पाली बाड़मेर, जालोर तथा सिरोही जिले के आवासहीन लोगों को मकान बनाकर देने के लिए भूमि अवाप्ति या अधिग्रहण की योजना बनाई थी, लेकिन तीन साल बाद भी हालत जस की तस ही है। जोधपुर शहर के लिए विवेक विहार योजना, बड़ली तथा पालड़ी में 3200 बीघा भूमि की अवाप्ति या अधिग्रहण की योजना जब से बनी है, सिरे ही नहीं चढ़ रही।

विवेक विहार योजना मूलत: नगर विकास न्यास की योजना है। इस योजना के लिए न्यास ने 3200 बीघा भूमि की अवाप्ति तो कर ली है, लेकिन हितबद्ध लोगों को मुआवजे का भुगतान बाकी है। इसे योजना को न्यास भी सतही तौर पर ले रहा है, नतीजा यह है कि आवासन मंडल केवल उम्मीद लगाए ही बैठा है। यह अलग बात है कि न्यास दो साल पहले ही मंडल को 31 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस भेज चुका है। कमोबेश यही हाल दूसरे कस्बों का है। जहां योजना का प्रारंभिक खाका तो बन गया है, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ रहा।

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जोधपुर शहर - विवेक विहार योजना में 1000 बीघा, बड़ली 1200 बीघा, पालड़ी 1000 बीघा।
ग्रामीण क्षेत्र - पीपाड़ ग्राम सिन्धीपुरा की 59 बीघा।
पाली शहर - सोजत रोड पर 181 बीघा तथा रीको फेज चतुर्थ में 37 एकड़ आवासीय भूमि एवं नया गांव में 632 बीघा।
सोजत शहर - बिल्ला नाम मगरिया बेरा भूमि 200 बीघा।
जैतारण - मेड़ता रोड पर आईटीआई के पास 75 बीघा।
फालना - सांड़ेराव रोड पर 57 बीघा।
सिरोही शहर - मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर कॉलोनी से लगी हुई 337 बीघा।
शिवगंज - रीको की 106 बीघा।
जालोर - सर्किट हाउस के पास 102 बीघा।
बाड़मेर - ग्राम गोदान में 61 बीघा 19 बिस्वा एवं ग्राम लंगेरा 120बीघा 10 बिस्वा भूमि।
बालोतरा - आवासन मंडल की भूमि से लगती हुई सेक्टर 2 के पास 50 बीघा भूमि।

* मंडल भूमि अधिग्रहण के लिए नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। कुछ मामलों में अड़चनें आ रही हैं, इसे दूर करने के प्रयास जारी है।
-अजयपालसिंह, अध्यक्ष, राजस्थान आवासन मंडल

* विभागीय प्रक्रियाएं पेचीदा है। दूसरे विभागों से भी भूमि लेने में कई दिक्कतें आती हैं। इससे भी देरी हो रही है।
-सीपी पुरोहित आवासीय अभियंता आवासन मंडल





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