HomeNewsRajasthanJodhpur Jodhpur

हर रोज, एक वारदात

जोधपुर. शहर में बढ़ रही चोरी की वारदातों से लोगों की नींद उड़ी हुई है। आए दिन मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं तो होती ही थी। अब सेंधमारी व दुकानों और crimeमकानों के ताले तोड़ने की वारदातों में भी इजाफा हुआ है।

पिछले एक माह में औसतन हर दिन एक वारदात हुई है जिसमें अब तक करीब 15 लाख रुपए की नकदी व जेवरात तथा अन्य सामान चोरी हो चुका है। पुलिस वारदातों को रोकने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने के अलावा कोई उपाय नहीं कर पा रही है। शहर में खानाबदोशों के इतने डेरे हैं कि उन्हें छानने में लंबा वक्त लगता है। हजारों की संख्या में अन्य प्रदेशों के मजदूर यहां काम कर रहे हैं जिनका कोई अता-पता नहीं है। सही तो यह है कि रामदेवरा मेले से वारदातों का सिलसिला तेज हुआ है जिससे संदेह बना हुआ है कि बाहरी के कई गिरोह यहां आए हुए हैं।

3 वारदातों में 7 लाख उड़ाए
सितंबर माह में तीन बड़ी वारदातों में करीब सात लाख रुपए की नकदी चोरी हो गई। 17 सितंबर को न्यू पावर हाउस रोड पर पान की दुकान पर खड़े हैंडीक्राफ्ट उद्यमी अजय कोठारी की मारुति वैन में रखे 2.50 लाख रुपए चोरी हो गए। इसी प्रकार 21 सितंबर को सरदारपुरा में मुकेश तापड़िया के ऑफिस के ताले तोड़ कर चोरों ने 2.50 लाख रुपए व कंप्यूटर चुरा लिए। कुछ दिन बाद 27 सितंबर को राय बहादुर मार्केट के सामने दुकानदार मनोहरलाल सिंधी के स्कूटर की डिक्की तोड़ कर 2.39 लाख रुपए निकाल लिए।

कंप्यूटर व मोटरसाइकिलें भी चोरी
शहर में मोटरसाइकिल चोरों के साथ कंप्यूटर चोरों की गैंग भी सक्रिय हैं। यह गैंग स्कूल, चार्टर्ड एकाउंटेंट व इंवेस्टर्स के ऑफिसों को निशाना बना रही है। 6 सितंबर को लाल मैदान स्थित बालिका विद्यालय से चोरों ने 10 कंप्यूटर सैट चुराए, मगर पड़ोसी के जागने के कारण वे चोरी का माल सड़क पर छोड़ कर भाग गए। इसके पश्चात पावटा सी रोड पर सीए मनीष दत्ता के ऑफिस का ताला तोड़ कर कंप्यूटर सैट चोरी किया। फिर चौपासनी रोड पर हेमंत शारडा तथा गांधी टॉवर में नारायण राठी के ऑफिस से भी कंप्यूटर सैट चोरी हो गए। मोटरसाइकिलें तो हर दूसरे दिन चोरी हो रही हैं।

लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं
शहर में पांच-छह चोरियां तो उन घरों में भी हुई है, जहां लोग दूसरे कमरों में सो रहे थे और चोर सामान बटोर कर ले गए। रामापीर कालोनी में धर्म्ेद्र यादव के घर से 70 हजार रुपए के जेवर चोरी हो गए, उन्हें घर में रहते हुए पता नहीं चला। इसी तरह शास्त्रीनगर में रमेश डोसी के घर की खिड़की तोड़ कर जेवर चुरा लिए, वे भी बगल के कमरे में सो रहे थे। ढाई-ढाई लाख रुपए गंवाने वाले हैंडीक्राफ्ट उद्यमी अजय कोठारी और मनोहरलाल को भी लापरवाही का खामिजाया उठाना पड़ा। एक जना रुपए कार में छोड़ कर पान खाने चला गया, दूसरा डिक्की की चाबी स्कूटर में लगी छोड़ कर गैस सिलेंडर बुक कराने चला गया।

फिर हुआ साइबर क्राइम
वारदात के बाद नए ताले लगाने वाले चोर गिरोह से पुलिस हैरत में है। साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं से भी पुलिस परेशान है। क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग गैंग के पकड़े जाने के बाद हर शहरवासी साइबर क्राइम से भली-भांति परिचित हो गया था। उस गैंग का गोरखधंधा मुख्य रूप से जोधपुर में ही चला था। एक सप्ताह पहले मंडोर थाने में एनएलयू के प्रोफेसर ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। उनके क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड चुरा कर किसी ने हैदराबाद से जोधपुर, जोधपुर से चेन्नई और चेन्नई से जोधपुर तक की हवाई यात्रा कर ली।

चोरों का सुराग तक नहीं लगा
शहर पुलिस मोटरसाइकिल चोरों को छोड़ कर अन्य वारदातों के आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। चोरी की वारदातों में रिकवरी का प्रतिशत भी पच्चीस से ज्यादा नहीं है। ढाई-ढाई लाख रुपए नकद चोरी होने और लाखों रुपए के जेवरात पार करने वाले एक भी आरोपी का पुलिस सुराग तक नहीं लगा पाई है। ना ही कंप्यूटर व मोबाइल चोर पकड़ में आ रहे हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: