HomeNewsRajasthanKota Kota

मकान ध्वस्त होंगे

कोटा. कोटा-लालसोट मेगा हाइवे के चलते केशवरायपाटन नगर पालिका क्षेत्र में 170 मकानों को तोड़ने के लिए चिन्हित किया है। इस कार्रवाई से मकान मालिकों की houseनींद हराम हो गई है।

कोटा से लालसोट तक 170 किमी मेगा हाइवे निर्माण पर 300 करोड़ रुपए खर्च होना प्रस्तावित है। इसके निर्माण व देखरेख का जिम्मा रिडकोर के पास है। पहले मेगा हाइवे 2007 तक बनना प्रस्तावित था। इस हाइवे के किनारों पर लगे हजारों पेड़ों को काटने में अवरोध पैदा होने से निर्माण कार्य अवधि 2008 कर दी।

सड़क के मध्य से 15-15 मीटर तक मेगा हाइवे का निर्माण होना प्रस्तावित है। नगर पालिका क्षेत्र वार्ड एक, दो व 20 की सीमा में शुगर मिल चौराहे से रड़ी-चड़ी गणोश मंदिर तक इस सीमा में वर्र्षो पूर्व बने मकान आ रहे हैं। इनमें से कुछ ने नगर पालिका से पट्टे ले रखे हैं। अधिकांश मकान बिना पट्टों के बने हुए हैं। उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है।

पीड़ितों ने बाईपास बनाने की मांग की
मेगा हाइवे सीमा में आए मकान मालिकों ने शुगर मिल से गणोश फाटक तक बाईपास बनाने की मांग की है। मकान ध्वस्त होने की खबर से घबराए मकान मालिकों ने कहा कि सड़क की बरई तरफ 90 प्रतिशत मकान बने हैं। इसलिए सड़क के दरई तरफ बाईपास बनाने से इन मकानों को बचाया जा सकता है। पीड़ित लोगों ने राज्यमंत्री बाबूलाल वर्मा से उनके मकानों को सुरक्षित रखने की मांग की है।

बाईपास में होगी दुगुनी राशि खर्च
रिडकोर के इंचार्ज महिपाल सिंह चौधरी ने कहा कि मेगा हाइवे सीमा में आए मकानों को ध्वस्त करने के बाद नियमों के तहत मकान मालिकों को करीब 80 लाख का मुआवजा देना पड़ेगा, जबकि बाईपास बनाने पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च होंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: