इंदौर. अनूपनगर में नशे में धुत दो नकाबपोशों ने दिनदहाड़े चाकू की नोक पर हजारों रुपए के आभूषण व नकदी लूटे। वे आधे घंटे से ज्यादा देर लूटपाट करते रहे और सभी के हाथ बांधकर बाथरूम में बंद करने का प्रयास किया। इसी बीच डोरबेल बजी और वे भाग निकले। वारदात के दौरान घर पर पांच लोग थे।
सियागंज के मोटर पम्प व्यवसायी रविशंकर नागर के घर एम-18 अनूपनगर में बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे बेटी सूर्या सहेली नियती के साथ बात कर रही थी। तभी पीछे से आए नकाबपोश बदमाश ने सूर्या का मुंह दबाकर चाकू अड़ा दिया। सूर्या उसे धक्का देकर सामने आ गई।
तभी दूसरा नकाबपोश बदमाश अंदर आया। दोनों ने नियती के हाथ से मोबाइल व एक्टिवा की चाबी छीनकर पूछा घर में कौन-कौन हैं। तब सूर्या की मां सुषमा ऊपर बेडरूम में और भाई युवराज ड्राइंग रूम में टीवी देख रहा था। नौकरानी बाली कपड़े सूखा रही थी। बदमाशों ने सभी को बुलाकर सीढ़ियों के पास लगे सोफे पर बैठाकर लॉकर व तिजोरी की चाबियां मांगी।
श्रीमती नागर ने बताया कीमती सामान तो बैंक लॉकर में है। तब उन्होंने मंगलसूत्र, कड़ा, नाक का कांटा, हीरे के कान के टॉप्स उतराए। अलमारी की तलाश में बदमाश सूर्या को अंदर के कमरे में ले जाने लगे तो श्रीमती नागर बोली मैं साथ चलती हूं। बदमाश उन्हें नीचे के बेडरूम में ले गए।
वहां की अलमारी से 10 हजार रुपए निकाले। पर्स में ऊपर की चाबी निकली तो एक बदमाश वहां गया और दूसरा चाकू लेकर खड़ा रहा। ऊपरी कमरों की अलमारियां टटोलीं, मंदिर से चांदी के सिक्के व अन्य सामान भी लूटा।
फिर बाद दोनों ने एक कपड़े से दो-दो के हाथ बांधे। इसी बीच श्रीमती नागर के हाथ पर चाकू भी लगा। सभी को नीचे बेडरूम की बाथरूम में बंद करने की कोशिश करने लगे लेकिन चिटकनी लगी तभी बच्चों को ट्यूशन पर ले जाने आए ड्राइवर विशाल ने घंटी बजाई। तब बदमाश बाउंड्रीवॉल फांदकर भाग गए। बाहर ही खड़ा विशाल कुछ समझ ही नहीं पाया। बाद में श्रीमती नागर ने उसे बुलाया और कंट्रोल रूम खबर की।
उम्र 20-22 साल, बोली भोपाली
सूर्या का कहना है 20-22 साल के बदमाशों की बोली भोपाली लग रही थी। चेहरे पर नकाब थे, केवल आंख खुली थी। एक की शर्ट नीली व दूसरे की पीली थी। दोनों दुबले-पतले थे और जमकर शराब पी रखी थी। ड्राइवर विशाल और कुछ दूर तैनात चौकीदार ने कहा हम बदमाशों को नहीं पहचान सकते।
कई बार आया रद्दीवाला
श्रीमती नागर ने तीन दिन पहले एक रद्दीवाले को कुछ सामान दिया। उसने सोफा आदि भी खरीदने का कहा था। उसकी आवाज बदमाशों से मिलती-जुलती थी। बुधवार को 12 बजे भी उसने पुराने सोफे के बारे में पूछताछ की। आशंका है वह घर देखने आया होगा।
आधे घंटे तक चालू रहा मोबाइल
बदमाश नियती का मोबाइल ले गए थे जिस पर वारदात के आधे घंटे बाद तक रिंग जाती रही लेकिन किसी ने उठाया नहीं। साढ़े चार बजे बंद ही कर दिया। पुलिस का मानना है बदमाशों ने उस दौरान कोई कॉल किया होगा तो जल्दी सुराग मिल जाएगा।
तीन घंटे बाद पहुंचा स्निफर डॉग
कंट्रोल रूम पर खबर देने के कुछ देर बाद पुलिस तो पहुंच गई लेकिन स्निफर डॉग शाम सात बजे करीब पहुंचा। इस कारण कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज श्रीवास्तव, टीआई अरविंद खरे ने परिजन से घटना की जानकारी ली। बदमाशों के स्केच बनाने की कोशिश भी की जा रही है।
नौ महीने पहले भी हुई थी ऐसी वारदात
13 जनवरी को कोयला बाखल निवासी स्क्रेप व्यवसायी ताहिर खान के घर भी लगभग इसी तरीके से लूट हुई थी। तब परिजन शादी के सिलसिले में बाहर गए थे और घर पर 11 वर्षीय शादमा अकेली थी।
तभी दो युवक व एक महिला शादी का कार्ड देने के बहाने घर में घुसे, चाकू की नोक पर बालिका को धमकाया व हाथ-पैर बांधकर पटक दिया था। फिर आलमारी तोड़कर नकदी व जेवरात सहित सवा लाख रुपए का माल लूटकर भाग निकले थे।