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बगैर विजन के मर जाएगा राष्ट्र

इंदौर.kalam पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम खुशनुमा और प्रेरक बुधवार लेकर इंदौर आए। यह दिन शहरवासियों के जेहन में लंबे समय तक न सिर्फ ताजा रहेगा बल्कि ऊर्जा देता रहेगा। जो उनसे मिले वे उनकी बातें कर रहे थे और जो नहीं मिले वे भी उनके बारे में चर्चा में मशगूल रहे।

लगभग साढ़े सात घंटे के दौरे में उन्होंने पहले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। वहां उन्होंने विद्यार्थियों को संकल्प दिलवाया कि वे मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए काम नहीं करेंगे बल्कि देश के बेरोजगारों को रोजगार दिलवाएंगे।

इसी दौरान उन्होंने कहा‍
बिना किसी विजन के राष्ट्र मर जाएगा। राजारमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र में उन्होंने इंडस-2 का अवलोकन कर सराहा और वैज्ञानिकों के कानों में आविष्कार करने के लिए साहस जुटाने का मंत्र भी फूंक गए। शाम को फ्री प्रेस द्वारा एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में लगभग 8000 बच्चों के बीच पहुंचकर वे सबसे ज्यादा खुश और ऊर्जा से भरे हुए नजर आए।

बच्चों के मासूम सवालों के जवाब दिए। दिनभर डॉ. कलाम ने बच्चों से बड़ों तक सभी को ऊर्जा से भर दिया और जाते वक्त शहर से देश के विकास के लिए ‘इंडिया डेवलपमेंट-2020’ में भागीदारी निभाने का संकल्प ले गए। ..और यह भी कह गए कि मैं वापस आऊंगा यह देखने के लिए कि आप सबने वादा पूरा किया या नहीं।

वे दे गए क्रिएटिव लीडरशिप के फंडे
क्रिएटिव लीडरशिप के लिए कलाम ने ये फामरूला दिया और आईआईएम के निदेशक डॉ. पाराशर से कहा कि यह आईआईएम जैसे संस्थानों की इसे पूरा करवाने की जिम्मेदारी लेना चाहिए।

आर्थिक विकास के लिए स्वास्थ्य प्रतिस्पर्धा जरूरी
स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के लिए ज्ञान जरूरी है।
ज्ञान के लिए टेक्नोलॉजी और नई खोज होना चाहिए
टेक्नोलॉजी और खोज के लिए संसाधनों का निवेश
संसाधनों का निवेश के लिए राजस्व चाहिए
राजस्व के लिए उत्पाद और गुणवत्ता की जरूरत है
उत्पाद और गुणवत्ता के लिए कर्मचारियों में कुछ नया करने का माद्दा हो
कर्मचारी कुछ नया करें और सोचें इसके लिए ईमानदारी और संतुष्टि जरूरी है।
ईमानदारी और संतुष्टि के लिए बने काम का माहौल
काम के वातावरण के लिए लोगों को प्रेरित करें
और काम करने के लिए प्रेरित करना ही क्रिएटिव लीडरशिप है

एनपीआई = ए+बी+सी
बतौर वैज्ञानिक भी उन्होंने इस मंच से देश के विकास के लिए एक नया फामरूला ईजाद किया। जिसे उन्होंने एनपीआई (नेशनल प्रॉरस्पेरिटी इनडेक्स) = ए+बी+सी का नाम दिया।

ए का मतलब जीडीपी ग्रोथ, लेकिन सिर्फ इससे देश में खुशहाली और विकास का आकलन नहीं किया जा सकता है? यह सिर्फ एक पार्ट है।
बी का मतलब गरीबी उन्मूलन। एक वर्ष में हमने कितने ग्रामीण और शहरी गरीबों को उन्नत किया।
सी का मतलब जीवन मूल्य। यानी संयुक्त और शिक्षित परिवार जिनके पास जीवन मूल्य हो।





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