जालंधर/अमृतसर. बिजली चोरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टिफिनों का भास्कर द्वारा खुलासा करने के बाद पंजाब राज्य बिजली बोर्ड ने इसका तोड़ ढ़ूंढ लिया है। अब घरों में ‘टिफिन टैस्ट’ पास करने वाले इलैक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। जालंधर में ये नए मीटर लगाए जाने का काम शुरू हो गया है जबकि अमृतसर में यह जल्द ही लगने शुरू हो जाएंगे।
क्या है टिफिन :
मीटर से बिजली चोरी के लिए लोग 200 रु. के टिफिन का इस्तेमाल कर रहे हैं। टिफिन में इलैक्ट्रिक सर्किट व स्कूटर की कवायल फिट होती है। इलैक्ट्रॉनिक मीटर से 5 मीटर दूर सॉकेट में टिफिन लगाने पर मीटर रुक जाता है। मीटर टैस्टिंग लैबोरेट्रीज में बोर्ड अधिकारियों ने टिफिन उपलब्ध करवाया है। बाजार में बिकने वाले मीटरों में भी बदलाव किए गए हैं।
पुराने मीटरों का क्या नए मीटरों के लिए तो बोर्ड ने टिफिन का हल ढूंढ लिया है, लेकिन पुराने इलैक्ट्रॉनिक मीटरों पर यह कारगर है। बोर्ड के जालंधर सर्किल के डिप्टी चीफ इंजीनियर बीएस सेखों का कहना है कि हर घर में टिफिन से होने वाली बिजली चोरी पकड़ना काफी मुश्किल है, क्योंकि यह नहीं पता होता कि लोग इसे कब इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद रेड में उन्होंने छह टिफिन बाक्स पकड़े हैं।
उधर, अमृतसर में जल्द ही ये नए मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। एलएंडटी कंपनी को इन मीटरों को तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। यहां दो साल पहले मैन्युल मीटरों की जगह सादे इलैक्ट्रॉनिक मीटरों को लोहे के बाक्सों में घरों के बाहर लगाने की मुहिम बोर्ड ने शुरू की थी जिस पर सिर्फ 20 फीसदी काम ही पूरा हो सका, इस बीच चोरों ने इसका तोड़ भी निकाल लिया।
30 फीसदी तक नुकसान आंकड़ों के मुताबिक बार्डर जोन के सब-अर्बन सर्किल, तरनतारन सर्किल, सिटी सर्किल और गुरदासपुर सर्किल में 25 से 30 फीसदी तक बिजली लॉसेस है। इनमें 20 फीसदी से अधिक लॉसेस बिजली चोरी का है। बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर एसजे पाल का कहना है कि अगले एक दो-महीनों तक यहां नया इलैक्ट्रॉनिक मीटर बाजार में आ जाएगा। इस नए इलैक्ट्रॉनिक मीटर में पिछले मीटर के मुकाबले प्रति मीटर लगभग सौ रुपए अधिक (400 रुपए) खर्च होगा।