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आलीशान अस्पताल, नाजायज काम

जालंधर 75000 में नवजात बच्ची का सौदा करने वाली इंदिरा और उसका पति मंजीत करोड़पति हैं। फिल्लौर में 10 बैड का अस्पताल खोल रखा है, जिसका नाम जनता अस्पताल है, जहां यह दंपती हर तरह का नाजायज काम करते हैं। पुलिस जांच के अनुसार वर्ष 1999 में दोनों ने यह अस्पताल खोला था। यहां ये लोग लिंग निर्धारण के बाद गर्भपात कराने के 10,000 रुपए लेते थे। इसी तरह के नाजायज कामों से इन्होंने करोड़ों की जायदाद बनाई।

बीते दिनों भास्कर ने एक स्टिंग आपरेशन कर 75000 में बेटी और 4 लाख में बेटा बेचने का मामला उजागर किया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा था।

दाई ने खोला अस्पताल मंजीत सिंह ने बताया कि वह फगवाड़ा में मल्होत्रा अस्पताल के मैडिकल स्टोर में दवाएं देने का काम करता था। इंदिरा वहां दाई थी। दोनों गोराया के रुड़का खुर्द गांव में रह रहे थे, जहां उन्होंने डिस्पैंसरी भी खोल रखी थी। वर्ष 1999 में ये लोग फिल्लौर आ गए और यहां जनता अस्पताल खोला।

गुनाहगार मां, सजा भुगत रही है बेटी

जिस बच्ची को इंदिरा 75000 रुपए में बेचना चाह रही थी वह भी जेल में है। मामले का खुलासा होने बाद आरोपी तो जेल गए लेकिन बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया। एएसआई अमरजीत सिंह ने बताया कि बच्ची की मां सोमा रानी दूध नहीं पिला सकती है, क्योंकि उसे दूध नहीं उतरता।

गर्भपात की दवा काम नहीं आई

जांच अधिकारी अमरजीत सिंह बताया कि बदनामी से बचने के लिए सोमा ने इसी अस्पताल से गर्भपात करवाने के लिए दवा ली थी। क्योंकि सोमा का पति विदेश में रहता है और यह उसका बच्च नहीं है। इसलिए उसने गर्भपात करवाना चाहा था।

पुलिस और सीएमओ में फंसी जांच

इस मामले को लेकर पुलिस ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रही। अग्रिम जांच के लिए पुलिस ने गेंद सीएमओ के पाले में डाल दी है। जांच अधिकारी के मुताबिक आगे की जांच सीएमओ को करनी है। इस बारे में उन्हें पत्र लिख दिया गया है। सीएमओ जालंधर जे.पी. सिंह बताते हैं कि मुझे ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है।





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