Manoranjan
Cinema
Interviews Interviews विनोद खन्ना के जन्मदिन पर राहुल खन्ना से बातचीत
डैडी जब से राजनीति में हैं, मुंबई बहुत कम रह पाते हैं। कई महीनों बाद पिछले हफ्ते ऐसा मौक़ा मिला था, जब हम परिवार जन तीन दिन उनके साथ थे। लेकिन यह मौक़ा सुखद कम और दुखद Êयादा था। दरअसल, डैडी के कंधे का एक छोटा-सा ऑपरेशन होना था। उसके लिए वह तीन दिन मुंबई के कंबाला हिट हॉस्पिटल में भर्ती थे और हम सब उनके पास रहे थे।
एक्टर के तौर पर वह क्या हैं, दुनिया जानती है। फिल्म इंडस्ट्री में अब तक मेरे डैडी जैसा ख़ूबसूरत एक्टर कोई नहीं हुआ। उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है। पर्दे पर उनकी उपस्थिति-भर दर्शकों को प्रभावित कर जाती है। जितने वैरायटी रोल उन्होंने किए, उनके बराबर किसी भी एक्टर ने नहीं किए। निगेटिव, एक्शन, इमोशन.. किसी भी रोल में उन्हें देख लीजिए। अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी ख़ूब जमी।
अगर मैं कहूं कि मेरे डैडी कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन से बीस साबित हुए, तो हो सकता है कि कुछ लोगों को बुरा लगे। आप ज़रा इनकी ‘ख़ून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘हेराफेरी’ आदि फिल्मों को याद कीजिए। डैडी ने अपने समकक्ष सभी एक्टर्स के साथ काम किया और सभी से उनकी दोस्ती भी रही। फिरोज़ ख़ान से उनकी दोस्ती ख़ास मशहूर हुई। जब मैं और अक्षय बच्चे थे, डैडी कभी-कभी हमें शूटिंग पर ले जाया करते थे। उस दौरान के कई क़िस्से मुझे याद हैं। एक बार वह मुझे ‘क़ुर्बानी’ के सैट पर ले गए। तब जुहू बीच पर डैडी और फिरोज़ ख़ान पर एक फाइट सीन फिल्माया जा रहा था। मैं तब इतना छोटा था कि शूटिंग को रियल फाइट समझ बैठा। जब फिरोज़ अंकल ने डैडी को मारना शुरू किया और डैडी का सिर रेत में घुस गया, तो मैं ज़ोर-ज़ोर से रोने लगा और फिरोज़ अंकल को मारने दौड़ा। इस पर वे लोग ख़ूब हंसे थे।
डैडी को जानवरों से सहानुभूति है। उन्होंने अपने घर में भी दो कुत्ते और एक बिल्ली पाल रखी है। कुत्तों का नाम मिडॉस और रिपब्लिक तथा बिल्ली का नाम किटिल है। रिपब्लिक की अपनी कहानी है। जब रिपब्लिक डे पर गुजरात में विनाशकारी भूकंप आया था, डैडी ने वहां जाकर पीड़ितों की सहायतार्थ कैंप लगाया था। जब वह ढहे हुए एक मकान पर गए, तो पूरा परिवार मलबे में दब कर मर चुका था, बस नन्हा-सा एक कुत्ता बचा था। डैडी को उस पर दया आ गई। वह उसे घर ले आए और उसका नाम रखा रिपब्लिक। मैं और अक्षय उनके घर को ‘खन्ना का चिड़ियाघर’ कहते हैं। हमारे और उनके घर के बीच सिर्फ़ एक रोड का फ़ासला है। डैडी की एक ख़ूबी बहुत कम लोग जानते होंगे। डैडी बहुत अच्छे कुक भी हैं। बड़े-बड़े शेफ उनके सामने फेल हो जाएंगे। ख़ासकर इटालियन फूड पकाने में वह बेजोड़ हैं। अगर इस जन्मदिन पर हम साथ रहे, तो Êाहिर है, वह कोई अच्छी-सी डिश बनाकर हमें खिलाएंगे। -प्रस्तुति : अनिल