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Chhattisgarh
Raipur Raipur सुकमा. दक्षिण बस्तर में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुकमा, कोंटा ब्लाक में हुई 150 से 185 मिमी बारिश से नदी-नालों में बाढ़ आने से एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे क्रमांक 221 आधा दर्जन जगह ब्लाक हो गया। इससे तीन हजार से ज्यादा वाहन फंस गए। कई जगह पूरी सड़क ही बह गई। सुकमा के पास एक जीप में सवार तीन लोग नाले में बह गए। कोंटा, सुकमा, एर्राबोर, इंजरम, दोरनापाल इलाके आसपास के क्षेत्रों से कट गए हैं।
दंतेवाड़ा शहर के एक हिस्से में बाढ़ का पानी घुस गया। अंदरूनी इलाकों में बारिश से मकानों को भारी क्षति पहुंचने की सूचना मिली है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी राहत और बचाव के काम में जुटे हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आंध्रप्रदेश के पास सक्रिय चक्रवात के कारण बारिश हो रही है।
नेशनल हाइवे पर जीप बही :
अपने वाहन सुधरवाने विजयवाड़ा जा रहे उड़ीसा के कालीमेला इलाके के व्यवसायी रतन ध्रुव (40) की जीप (सीजी-17 डी-0476) शुक्रवार रात 10.20 बजे सुकमा से 22 किमी दूर बाढ़ से उफन रहे मिसमा नाले में बह गई। जीप चालक वाइन खान, हेल्पर बुरसा और संतोष बह गए।
रतन के हाथ में संयोग से पेड़ की डाली आने से वह बच गया। लापता लोगों की तलाश देर रात तक जारी थी। एएसपी टीआर कोसीमा और एसडीएम भगवान सिंह उइके ने बताया कि पानी के दबाव से ग्राम गोदागुड़ा के पास नेशनल हाइवे क्रमांक 221 का 12 फुट से ज्यादा लंबा हिस्सा बह गया था, जिसका जानकारी जीप चालक को नहीं थी।
सलवा जुड़ूम शिविर को नुकसान :
एर्राबोर स्थित सलवा जुड़ूम शिविर में काफी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। तहसीलदार रामेश्वर साहू ने बताया कि बारिश और रास्ते बंद हो जाने के कारण शिविर तक पहुंचना फिलहाल संभव नहीं है।