भोपाल. लोकायुक्त की विशेष स्थापना पुलिस ने विधानसभा भवन में निर्माण कार्र्यो में हुई अनियमितताओं के मामले में शनिवार को अपराध दर्ज कर लिया। इसमें विस सचिव भगवानदेव इसराणी, उपसचिव एसपी सिंह, राजधानी परियोजना प्रशासन के अधीक्षण यंत्री और ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है। लोकायुक्त रिपुसूदन दयाल ने विस सचिवालय द्वारा इस मामले में दस्तावेज नहीं सौंपने के कारण मामला विशेष स्थापना पुलिस को सौंपा था।
विस परिसर में हुए निर्माण कार्र्यो के भुगतान में हुई गड़बड़ियों की जांच के मामले में एक महीने पहले लोकायुक्त श्री दयाल के समक्ष विस सचिव भगवानदेव इसराणी और भवन नियंत्रक एमके मित्तल पेश हुए थे। दोनों के बयान के बाद लोकायुक्त श्री दयाल ने इस विषय से संबंधित अन्य दस्तावेज सात सितंबर तक प्रस्तुत करने के लिए कहा था।
यह दस्तावेज इस माह के अंत तक नहीं आने पर जांच पुलिस को सौंपी गई थी। सूत्रों के अनुसार इस मामले में शनिवार की शाम विस के सचिव (प्रशासन) श्री इसराणी, तत्कालीन उपसचिव एसपी सिंह, राजधानी परियोजना प्रशासन के तत्कालीन अधीक्षण यंत्री और निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) डी, 13 (2) और भादवि की धारा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधीक्षण यंत्री और ठेकेदार के नाम जांच में उजागर होंगे।
क्या है मामला
विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाके में वर्ष-2005 में नौ निर्माण कार्य कराए गए थे। इनका लोकार्पण तीन अगस्त 2005 को हुआ और प्रशासकीय व बजट स्वीकृति 19 अक्टूबर को दी गई।
इस संबंध में लोकायुक्त को शिकायत की गई थी कि इन निर्माण कार्र्यो के लिए कोई बजट नहीं था, न ही इसकी कोई स्वीकृति ली और न ही कोई निविदा निकाली गई थी। इन निर्माण कार्र्यो के लिए करीब दो करोड़ रुपए का गलत तरीके से भुगतान किया गया था।