भोपाल.
राजधानी में रैगिंग का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना निजी कालेज श्री इंस्टीट्यूट साइंस एंड टेक्नोलाजी के विजयनगर स्थित होस्टल में हुई। जहां जूनियर छात्रों को कमरे में बंद कर नग्न करने सहित उन्हें नशा करने पर विवश भी किया गया। इस संबंध में एक छात्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
रैगिंग का शिकार शिवपुरी निवासी विशाल शर्मा इस कालेज में इंजीनियरिंग का प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके पिता का शिवपुरी में निजी व्यवसाय है। विशाल पिछले एक महीने से कालेज के उत्कर्ष होस्टल में अन्य छात्रों के साथ रह रहा है। जहां इसी कालेज के लगभग साठ जूनियर और पंद्रह सीनियर छात्र रहते हैं।
क्या-क्या होता था
विशाल ने दैनिक भास्कर को बताया कि उसे और अन्य जूनियर छात्रों को उनके सीनियर कुणाल चौधरी, नीरज कुमार तथा अन्य पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। वे जूनियर छात्रों को अपने कमरे में बुलाकर कपड़े उतरवाकर घंटों खड़ा रखते हैं और उनके साथ मारपीट भी की जाती है। उन्होंने बीस दिन पहले सभी जूनियर छात्रों के बाल और मूंछे कटवा दी थीं।
शुक्रवार की रात भी कुणाल और उसके साथियों ने विशाल और प्रथम वर्ष के छात्र अब्दुल्ला को तीन घंटे कमरे में खड़ा रखा और मारपीट की। विशाल का कहना है कि सीनियर छात्रों को हास्टल संचालक शरद खरे का संरक्षण प्राप्त है।
सीनियर्स खुद नशा करते हैं और जूनियर्स को भी इसके लिए बाध्य किया जाता है। यहां तक कि उन्हें हथियार दिखाकर डराया भी जाता है। आलम यह है कि सीनियर्स के डर के कारण विशाल और उसके सहपाठी एक-दूसरे से बात भी नहीं कर पाते थे।
यूं हुआ खुलासा
परेशान विशाल ने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसके पिता ने कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सीएसपी शाहजहांनाबाद अजय पांडे ने बताया कि विशाल की शिकायत पर सीनियर छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। श्री इंस्टीट्यूट के संचालक वरुण तिवारी के अनुसार कालेज के स्टाफ को इस घटना की जानकारी लेने तथा उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
संस्थानों पर होगी कार्रवाई..
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सभी संबद्घ कालेजों को निर्देश दिए हैं कि रैगिंग रोकने के समुचित प्रयास करें। विवि ने चेतावनी भी दी है कि रैगिंग के मामले में संबंधित संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रैगिंग रोकने की खातिर
कालेजों में एंटी रैगिंग कमेटियों का गठन
वहां शिकायत पेटियों का इंतजाम
प्रत्येक विद्यार्थी को संबंधित थाने सहित वहां के अधिकारियों के फोन नंबर दिए गए हैं।
इनका कहना है
>> ऐसी किसी भी घटना पर विद्यार्थी को शिकायत करनी चाहिए। उनके नाम गोपनीय रखे जाते हैं।
सुनील बंसल, संचालक, बंसल कालेज
>> होस्टल में रात के समय शिक्षकों को तैनात किया गया है। कालेज की बस में भी शिक्षक का रहना अनिवार्य है।
पंकज डंडीर, संचालक, ट्रूबा कालेज
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश..
सुप्रीम कोर्ट ने मई 2007 में राघवन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कालेजों में रैगिंग रोकने के निर्देश दिए हैं और प्रशासन से इनका सख्ती से पालन करवाने को कहा है।
रैगिंग की शिकायत आने पर संस्थान ही पुलिस में एफआईआर करवाए।
यह सुनिश्चित किया जाए कि इस शिकायत की आपराधिक न्याय अधिनियम के तहत विवेचना की जाए, न कि संस्थान के प्रशासन के स्तर पर।
दोषी पाए जाने वाले छात्रों को कालेज से निकाला जाए।
ऐसे छात्रों को भविष्य में भी किसी संस्थान में प्रवेश न दिया जाए।