अजमेर. ब्लैकमेल कांड और ब्राउन शुगर तस्करी के कुख्यात आरोपी नफीस चिश्ती पर पुलिस ने जेल से अपराधिक गतिविधियां संचालित करने के मामले में शिकंजा
कस दिया है। उसे रंगदारी वसूल करने के आरोप में शनिवार को जेल से गिरफ्तार किया गया। नफीस से हथियार तस्करी के मामले में भी पूछताछ की जा रही है।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामचंद्र के अनुसार, जेल में बंद नफीस के इशारे पर ही लोहाखान निवासी रज्जाक और खुर्शीद ने नीति मार्ग निवासी शराफुद्दीन से दो लाख रुपए की मांग की थी। नफीस ने भी पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में शराफुद्दीन को धमकी दी थी। मामले में अभियुक्त खुर्शीद और रज्जाक जेल में हैं। उनके बयानों के आधार पर नफीस से पूछताछ की जा रही है। तफ्तीश के लिए अदालत में उसके रिमांड के लिए अर्जी लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि हथियार तस्करी के मामले में कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में फंसे अभियुक्त शाहिद, कमल रैगर और कालू ने भी नफीस को इस कारोबार का सूत्रधार बताया है। पुलिस उसे हथियार तस्करी के मामले में भी नामजद करेगी।
जेल में हालत बिगड़ी
नफीस के इशारे पर रंगदारी वसूल करने के मामले में अभियुक्त लोहाखान निवासी खुर्शीद उर्फ कुड़ी बाबा की तबियत जेल में खराब हो गई। उसे शनिवार को इलाज के लिए जेएलएन अस्पताल लाया गया। उपचार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया।
तब बुर्के में पकड़ा गया था
ब्लैकमेल कांड का भांडा फूटने के बाद फरार हुआ नफीस चिश्ती फरारी के दौरान भी अजमेर आता रहा था। बाद में इसकी पुष्टि हुई दिल्ली में धोला कुआं पुलिस द्वारा नफीस के पकड़े जाने से। नफीस धौलाकुआं पर बुर्का पहने अजमेर आने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। नफीस के पांव पर नजर पड़ी तो दिल्ली पुलिस को आभास हो गया कि बुर्के में कोई पुरुष है। फरारी के दौरान ही नफीस के दो पुत्र भी हुए। दरगाह थाना पुलिस ने फरारी के दौरान शरण देने वाले 22 रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया, जिसके सभी आरोपियों ने हाल ही में सरेंडर किया है।