इंदौर. उच्चशिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कभी प्रमुख सचिव तो कभी उच्चशिक्षा आयुक्त के पास जाकर पूछती सर मेरा काम कब होगा? मेरा काम करवा दीजिए, मैं बहुत दूर से आई हूं। मुझे पेंशन मिल जाएगी तो आगे का जीवन निकल जाएगा।
वह महिला और कोई नहीं, होलकर कॉलेज में किसी जमाने में फिजिक्स की प्रोफेसर रही स्नेह वैद्य थीं, जो 19९१ से बीमार होने के कारण अध्यापन नहीं कर रही थीं।
कुछ दिनों बाद मानसिक स्थिति भी खराब हो गई तो उन्हें पढ़ाने के लिए मना कर दिया गया उनकी समस्या को सुनकर उच्च शिक्षा आयुक्त आशीष उपाध्याय ने कहा प्रोफेसर वैद्य का प्रकरण मेरे सामने आया है, हम इसकी जांच करवाकर उनकी हरसंभव मदद करेंगे।