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पकड़े गए नशे के सौदागर

बिलासपुर. शहर में नशे के इंजेक्शन की सप्लाई की सूचना पर तोरवा व कोनी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई मंे पांच लोगों को शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से ढाई लाख रुपए का नारफिन इंजेक्शन बरामद किया गया है।

आज सुबह तोरवा पुलिस को सूचना मिली कि मस्तूरी की ओर से तीन युवक नारफिन इंजेक्शन लेकर आ रहे हैं। इसकी सूचना तोरवा टीआई टीपी सिंह ने एएसपी सिटी बीएन मीणा को दी। उनके निर्देश पर तोरवा पुलिस ने लालखदान फाटक के पास घेराबंदी की।

मुखबिर की सूचना के आधार पर पल्सर क्रमांक सीजी 10 ईसी 2279 में सवार युवक टिकरापारा निवासी गणोश मौर्य पिता शंकर लाल, सुभाष पॉल पिता जगन्नाथ पॉल व सुशांत गुप्ता उर्फ गोल्डी को रोककर तलाशी ली। उनके पास से करीब 2000 एंपुल नारफिन बरामद किया गया।

आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें टिकरापारा का 25 वर्षीय संजीव छाबड़ा उर्फ सुच्चसिंह पिता आदीलाल छाबड़ा माल सप्लाई करता है। पुलिस ने तत्काल सुच्चसिंह की तलाश प्रारंभ की। इस बीच सूचना मिली कि वह कोरबा की ओर जाने के लिए निकला है। अधिकारियों ने कोनी पुलिस को नाकेबंदी करने का आदेश दिया।

रास्ते में तैनात कोनी पुलिस ने सुच्चसिंह व उसके साथी 19 वर्षीय सुनील सोनकर उर्फ कंठा पिता राजेंद्र सोनकर को पकड़ लिया। उनके पास से 2600 एंपुल फोर्टविन, पेंटाजोशीन इंजेक्शन बरामद किया गया।

जब्त किए गए माल का बाजार मूल्य ढाई लाख रुपए बताया जा रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को कल अदालत में पेश किया जाएगा।

नशा बेचने का पार्ट टाइम जॉब
सुभाष पॉल रेलवे में गार्ड है, वहीं गणोश मौर्य इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। सुशांत गुप्ता उर्फ गोल्डी बीएससी का छात्र है। आरोपी पार्ट टाइम जॉब के रूप में नशा बेचते थे।

दवा के रूप में उपयोग की जाने वाली इन दवाइयों को वे एक ग्रुप बनाकर अधिक दाम में लोगों को सप्लाई करते थे। एक एंपुल का मूल्य काफी कम है, पर आरोपी लाबिंग कर 20-30 रुपए में बेचते थे।

रास नहीं आया होटल का धंधा
सुच्च के पिता का बस स्टैंड में होटल है। शुरू से ही उसे होटल में बैठने का शौक नहीं था। अधिक रुपए कमाने के लिए उसने इंजेक्शन बनाने का धंधा अपना लिया। वह आगरा, मुरैना, कटनी आदि जगह से कम दाम में इंजेक्शन लेकर आता था।

इसके पहले भी सुच्चसिंह नशीली गोलियां व इंजेक्शन बेचने के अपराध में पकड़ा जा चुका है। उसके खिलाफ कई स्थायी वारंट भी हैं। सुनील सोनकर सुच्च से जुड़ा हुआ था।





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