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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. अंतिम चयन सूची जारी हुए ढाई माह हो गए हैं, फिर भी जिले की चारों जनपद पंचायतों में संविदा शिक्षकों के 197 पद रिक्त पड़े हुए हैं। भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही को लेकर ही जिला पंचायत के सीईओ ने चारों जनपद पंचायतों के सीईओ को नोटिस जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में संविदा शिक्षक वर्ग-2 व 3 के कुल 324 पद रिक्त थे। इनको लेकर 11 जून को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था।
जिला पंचायत के सीईओ विनोद शर्मा ने जिले में रिक्त 197 पदों को लेकर सभी जनपद पंचायत के सीईओ से कहा है कि अनेक बार बैठकों में रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
मुख्य मंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली इस योजना को लेकर बरती गई लापरवाही से साफ है कि सभी सीईओ ने शासन के आदेश के पालन को लेकर गंभीरता नहीं बरती और इसी कारण आधा शिक्षण सत्र बीतने के बावजूद संविदा शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे जा सके हैं।
श्री शर्मा ने कहा है कि उन्होंने जब तीन अक्टूबर को इस मामले की जानकारी सभी जनपदों से प्राप्त की तो स्थिति निराशा जनक निकली। सभी सीईओ को जारी नोटिस में श्री शर्मा ने कहा है कि संविदा शिक्षक वर्ग-2 के जिले में 154 पद रिक्त थे।
इनमें से 74 पद भर गए हैं जबकि 80 पद आज भी रिक्त हैं। इसी तरह संविदा शिक्षक वर्ग-3 के जिले में 170 पद रिक्त थे, इनमें से 53 पर नियुक्ति दे दी गई है पर 117 पद अभी भी रिक्त हैं।
श्री शर्मा ने नोटिस में कहा है कि इस मामले में लापरवाही शासन निर्देशों की अवहेलना तो है ही, साथ में दण्डनीय भी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी जनपद पंचायतों में रिक्त पदों पर शत- प्रतिशत भर्ती कर पालन प्रतिवेदन 10 अक्टूबर तक भेजा जाए। ऐसा न होने पर संभाग आयुक्त ग्वालियर संभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
फर्जी आवेदकों के कारण आया भर्ती में व्यवधान
अंतिम सूची में शामिल आवेदनों की जब सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर गहन जांच की गई तो चालीस फीसदी आवेदनों के साथ लगे अभिलेख (व्यापमं की अंक सूची व अनुभव प्रमाण-पत्र) फर्जी निकले। जांच के काम में एक माह लगा, इस कारण से दूसरे उम्मीदवारों को बुलाने में समय लग गया।
पद रिक्त होने का दूसरा कारण काउंसिलिंग में आए आवेदकों को जब रिक्त पद वाले स्कूल का नाम बताया गया तो वे लौटकर नहीं आए। कुछ आवेदक ऐसे भी थे जिनके अभिलेख सही थे पर उनका चयन अन्य जिलों में होने के कारण वे काउंसिलिंग में बार-बार बुलाने पर भी नहीं आ सके।
उल्लेखनीय है कि सभी जनपदों में एक रिक्त पद पर तीन उम्मीदवारों के मान से अंतिम सूची जारी की गई थी जो अब एक पद पर 10 उम्मीदवार तक करने पर विचार- विमर्श किया जा रहा है।