जालंधर/पानीपत गणोश जी के दूध पीने, हनुमान जी की आंखों से आंसू निकलने, साईं बाबा की मूर्ति से सिंदूर झड़ने और समुद्र का पानी मीठा होने जैसी चमत्कारिक खबरों में अब एक कड़ी और जुड़ गई है। शनिवार को जालंधर और पानीपत के शिव मंदिरों में स्थापित शिवलिंग के रंग बदलने की खबर के चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया। विशेष पूजा अर्चना की गई और कीर्तनों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
कौन-कौन से रंग :
किसी मंदिर में काले शिवलिंग का रंग सफेद हो गया तो कहीं सफेद शिवलिंग भूरे हो गए। स्थानीय माडल टाउन स्थित गीता मंदिर के पुजारी पंडित बनवारी लाल शास्त्री ने कहा, भोले बाबा देवों के देव हैं।
वह कुछ भी कर सकते हैं। श्रीराम मंदिर के पुजारी पिंकू शुक्ला ने बताया कि पहले शिवलिंग बिल्कुल काला था लेकिन अब शिवलिंग के ऊपर धारियां बन गई हैं। इनके अलावा कई अन्य मंदिरों के पुजारियों ने भी शिवलिंग के रंग बदलने का दावा किया। उधर, जालंधर छावनी स्थित मंदिरों में भी शिवलिंग के रंग बदलने की खबर फैली। वहां एक मंदिर में शिवलिंग का रंग लाल होने का दावा किया जा रहा है।
* ‘शहर के किसी एक मंदिर में होता तो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जा सकता था, लेकिन ऐसा शहर के कई मंदिरों में हुआ। इसलिए इसे चमत्कार ही कहा जाएगा।’
- डा. एमके झा, प्रमुख, केमिकल विभाग, एनआईटी
* ‘शिवलिंग के रंग बदलने की बात में एक प्रतिशत भी सच्चई नहीं है। यह अफवाह के अलावा और कुछ नहीं।’
- अशोक कालिया, महासचिव, तर्कशील सोसायटी, लुधियाना