मुंबई. अगले साल से नागरिकों को ई-पासपोर्ट जारी करने की सरकार की योजना सुरक्षा एजेंसियों के लिए ‘वरदान’ साबित हो सकती है। इन एजेंसियों का मानना है कि ई-पासपोर्ट से देशी आतंकियों की गतिविधियों को रोका जा सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक ई-पासपोर्ट के ‘बैक कवर’ पर धारक की फोटो के साथ लगी माइक्रोचिप से पासपोर्ट के गलत इस्तेमाल को रोकने में काफी मदद मिलेगी। हाल के वर्षे में ऐसा देखने में आया है कि अपराधी और आतंकी फर्जी पासपोर्टाें का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या हैं वर्तमान खतरे फर्जी पासपोर्ट बनवाने से जुड़े अपराध बढ़ते जा रहे हैं। देश से चुपचाप बाहर जाने के लिए आतंकी इसका इस्तेमाल करने लगे हैं।
आतंकी तोड़फोड़ की गतिविधियों की ट्रेनिंग लेने किसी दूसरे देश में चले जाते हैं और फिर मौका पाकर लौट आते हैं।
क्या होंगे फायदे ई-पासपोर्ट से फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले शातिर जालसाजों पर लगाम कसी जा सकेगी। पासपोर्ट के लिए फर्जी आवेदन के वक्त ही यह गड़बड़ी पकड़ी जा सकेगी।
ई-पासपोर्ट में लगी माइक्रोचिप में व्यक्ति के बारे में सभी जरूरी सूचनाएं दर्ज होंगी। सुरक्षा अधिकारी स्पेशल स्कैनर से इसकी जानकारी देख सकेंगे।
फिलहाल व्हाइट श्रेणी में ई-पासपोर्ट तकनीकी परीक्षण के लिए ई-पासपोर्ट फिलहाल व्हाइट पासपोर्ट श्रेणी में जारी किए जा रहे हैं। इस श्रेणी के तहत मंत्री या कोई अधिकारी सरकारी काम से विदेश यात्रा कर सकता है।