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10 साल, 10 बिजनेस, गेम ओवर

न्यूयॉर्क.game overइनके बचने की उम्मीद बेहद कम है और 2017 तक तो बिलकुल नहीं। यह तय करना बेहद आसान लगता है कि कौन सी इंडस्ट्रीज अमेरिका में काफी कम वक्त ही रहेंगी। लेकिन एंटरप्रिन्योर की ओर से किए गए एक सर्वे के मुताबिक 10 बिजनेस और इंडस्ट्रीज ऐसी जरूर हैं जिनके बचने की उम्मीद नहीं दिखती। वे अगर बचीं तो जीवाश्म की तरह।

रिकॉर्ड स्टोर्स: रिकॉर्ड स्टोर्स रिकॉर्ड नंबरों में बंद हो रहे हैं। दुनिया भर में एक जाने माने म्यूजिक रिटेलर टावर रिकॉर्डस ने पिछले साल अपने सभी 89 स्टोर्स को बंद कर दिया। इसके पीछे उसका तर्क था कि वे वालमार्ट जैसे ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर्स का मुकाबला नहीं कर सकते, जो कम कीमतों पर म्यूजिक सीडीज उपलब्ध करा रहे हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो अगले दस साल में ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर्स के बचने की उम्मीद ज्यादा है।

कैमरा फिल्म मैन्यूफैक्चरिंग: कम से कम अब इस बिजनेस में उतरना अच्छा सौदा नहीं है। शिकागो ट्रिब्यून के मुताबिक मई 2006 से लेकर मई 2007 तक डिजिटल कैमरों से प्रिंट कराने वालों में 34 फीसदी तक वृद्धि हुई। इसी बीच फिल्म कैमरों की सेल 49 फीसदी तक गिर गई। दूसरी तरफ डिजिटल कैमरों की सेल में 5 फीसदी की वृद्धि जारी है। अमेरिकी इंटरनेट यूजर्स में 70 फीसदी के पास अपने डिजिटल कैमरे हैं। एक और सर्वे के मुताबिक 70 फीसदी कनाडियन्स डिजिटल कैमरा इस्तेमाल करते हैं। यानी इन हालात में अगले दस साल में शौकिया फोटोग्राफरों के लिए कैमरा फिल्म बनाने वाले कुछ एंटरप्रिन्योर अपनी जीविका कमा पाएंगे।

क्रॉप डस्टर्स: ये दस साल तक रहेंगे तो मगर अपने मौजूदा स्वरूप में नहीं। एक क्रॉप डस्टर की औसत उम्र 60 साल होती है। क्रॉप डस्टर्स की तादाद कम हो रही है और यह प्रोफेशन उनके लिए खतरनाक होता जा रहा है। कुछ हफ्तों पहले स्प्रेइंग फार्म वर्कर्स में फंजीसाइड देखने के बाद अरकन्सास की क्रॉप डस्टिंग कंपनी को आयोवा में उड़ने की मनाही कर दी गई थी। क्रॉप डस्टिंग प्लेन अब दक्षिण अमेरिका की ओर जा रहे हैं। हालांकि किसान कहते हैं कि उन्हें क्रॉप डस्टिंग तकनीकों की हमेशा जरूरत रहेगी, लेकिन नई तकनीकों ने इसे बेमानी बना दिया है।

गे बार्स: ऑरलैंडो सेंटिनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक गे बार्स का बिजनेस फैशन से बाहर होता जा रहा है क्योंकि समलैंगिक महिलाओं और पुरुषों को अब अमेरिकी समाज में मान्यता मिलती जा रही है। इस हिसाब से देखा जाए तो अगले 10 साल में वे गे बार्स ही बचेंगे जो इंडस्ट्री में सबसे अच्छे होंगे और बाकी बंद हो जाएंगे।

न्यूजपेपर्स: कुछ लोग सोचते थे कि रेडियो और टीवी के बाद भी अखबारों को पढ़ने की जरूरत पड़ेगी। फैक्स मशीनों के आने के बाद माहौल कुछ और बदला और लोगों को लगा कि उनके काम की खबरें उन्हें फैक्स के जरिए मिल जाया करेंगी। लेकिन 1990 के दशक से इंटरनेट के आने के बाद तस्वीर एकदम बदलनी शुरू हो गई। ऑडिट ब्यूरो ऑफ सकरुलेशन के मुताबिक पिछले एक साल में ही अमेरिका में अखबारों के पाठकों की तादाद तेजी से घट रही है। ऑडिट ब्यूरो ने पिछले साल में ही दो बार औसतन छमाही 2.1 और 2.8 फीसदी रीडरशिप में गिरावट दर्ज की है। न्यूजपेपर्स अपने स्टाफ को घटा रहे हैं। इस हिसाब से अगले दस साल में न्यूजपेपर्स अमेरिका से गायब तो नहीं होंगे लेकिन वे इंटरनेट पर चले जाएंगे।

पे फोन्स: 1997 में अमेरिका में 20 लाख पे फोन्स थे लेकिन आज वे इसके आधे से भी कम रह गए हैं। कुछ सुनिश्चित स्थल जैसे एयरपोर्ट्स और होटल्स में ही पे फोन्स की सुविधा बाकी रह गई है। और ये भी तब तक ही है जब तक सभी लोग सैल फोन्स रखने की कुव्वत नहीं रखते। अमेरिका में ड्रग डीलर्स के लिए सड़कों पर फोन कियॉस्क्स सबसे पसंदीदा जगहें हैं, जो चाहते हेैं कि उनके फोन टैप न हों। हालांकि अगले दस साल में वे कुछ तादाद में दिखेंगे तो पर बहुत ज्यादा नहीं। कोई उनसे अपने घर फोन करने की नहीं सोचेगा।

यूज्ड बुकस्टोर्स: इस्तेमाल की हुई किताबों के स्टोर्स तेजी के साथ बंद हो रहे हैं और जो कुछ बाकी बचे भी हैं, वे वो हैं जो इंटरनेट जैसे माध्यम के भरोसे हैं, जो उन्हें तेजी से पुरातन बना रहा है। यूज्ड बुकस्टोर्स एक ऐसी जगह हुआ करती थी, जहां किताबों के कद्रदान आउट ऑफ प्रिंट किताबें पाकर सांत्वना हासिल करते थे। अब आप इन किताबों के नाम किसी सर्च इंजन में डालिए और कुछ ही मिनटों में हासिल कर लीजिए। अगले दस साल में बेहद कम यानी कुछ ही अस्तित्व में रह पाएंगे।

पिगी बैंक्स: जैसे-जैसे हम पेपरलैस समाज की ओर बढ़ रहे हैं, उस दिन की कल्पना करना मुश्किल नहीं, जब पिगी बैंक्स का अस्तित्व नहीं बचेगा। हां वे एकाध जगह कहीं हो सकते हैं लेकिन बस उनकी जगह होगी तो एंटीक्स की दुकानों में ही।

टैली मार्केटिंग: जो लोग टैलीमार्केटिंग से घृणा करते हैं, उनके लिए यह खुशखबरी है कि यह इंडस्ट्री अमेरिका में तेजी से मर रही है। बुरी खबर यह है कि इसमें कुछ वक्त लग सकता है। टैली मार्केटिंग को सबसे ज्यादा झटका लगा है राष्ट्रीय डू नॉट कॉल लिस्ट से। फिर भी यह इंडस्ट्री पिछले साल 393 बिलियन डॉलर राजस्व कमाने में कामयाब रही। इसका कुछ श्रेय चालाकी भरी मार्केटिंग को जाता है। जब आप किसी शॉपिंग मॉल में अपनी जानकारी भरते हैं, तो साथ ही आप कंपनी की ओर से जारी किसी प्रतियोगिता के लिए कॉल स्वीकार करने पर भी हामी भरते हैं। सैल फोन्स को ऑटोमेटेड टैलीमार्केटिंग कॉल्स से मुक्त रखा गया है लेकिन व्यक्ति की कॉल से नहीं। अगर आप उसमें फिर से रजिस्टर करना भूल गए, तो नेशनल डू नॉट कॉल लिस्ट 2008 में रद्द हो जाएगी। इसका मतलब है कि 10 साल बाद टैली मार्केटिंग रहेगी तो पर ज्यादा विनम्र और बेहद कम खतरनाक।

कॉइन ऑपरेटेड आर्केड्स: नाइनटेनडो वाय के साथ-साथ ऑनलाइन गेमिंग और एक्स बॉक्स 360 जैसे गेम्स के साथ वीडियो गेम आर्केड इंडस्ट्री जीवित रहने की कोशिश कर रही है। आर्केड्स अभी भी जीवित हैं - मूवी थियेटर्स में, मिनिएचर गोल्फ कोर्सेज और दूसरे टूरिस्ट्स स्पॉट्स पर। हालांकि यह कुछ ही वक्त की बात है कि वे सीन से गायब हो जाएंगे। अमेरिकन एम्यूजमेंट मशीन एसोसिएशन के मुताबिक दस साल पहले अमेरिका में 10000 आर्केड्स थे, आज वे सिर्फ 3000 हैं। आर्केड गेम यूनिट्स ने पिछले साल 866 मिलियन डॉलर का राजस्व बटोरा जो सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन अगर ध्यान से देखें तो 1994 में यह इंडस्ट्री 2.3 बिलियन डॉलर कमा रही थी। प्रॉफिट्स ज्यादा तब थे जब गेम खेलना काफी महंगा था। इसलिए अगले दस साल में इस इंडस्ट्री का गेम ओवर होने जा रहा है।





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jk
Monday, 8th Oct 2007, 0:28
good survey . can similar survey be done for indore.