गुवाहाटी.
असम स्थित ओरांग नेशनल पार्क में बाघों का जहर देकर मारा जा रहा है। बाघों को मारने वाले लोग वे माफिया हैं जंगल के आसपास की जमीन पर अवैध कब्जा जमाना चाहते हैं। ये लोग बाघों से सुरक्षा के लए उन्हें जहर देकर मार रहे हैं। पिछले साल चार बाघों को जहर देकर मार दिया गया था। अब इस नेशनल पार्क में मात्र 13 बाघ ही बचे हैं।
दूसरी ओर इस पार्क में सुरक्षा गार्डो की भी भारी कमी है। इस बीच करीब 36 गार्ड हड़ताल पर चले गए हैं। 36 सालों की नौकरी के बाद भी इन गार्डो को अभी तक नियमित नहीं किया जा सका है। उधर, काजीरंगा नेशनल पार्क के आसपास के इलाके में भी अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों का गिरोह सक्रिय है।
गौरतलब है कि 1985 में ओरांग नेशनल पार्क को अभ्यारण्य बनाया गया था। इसके बाद 1999 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया था। यह नेशनल पार्क गुवहाटी से 150 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।