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Chhattisgarh
Raipur Raipur सुकमा. उड़ीसा में हुई बारिश सुकमा समेत ब्लाक के कई इलाकों के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। शबरी नदी का पानी पिछले आठ घंटों में 10 फुट से बढ़ गया है। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और सुकमा में बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। निचली बस्तियों से लोगों को हटाया जा रहा है।
आंध्रप्रदेश से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे पिछले 48 घंटों से बंद है। शबरी नदी में बाढ़ से राज्य का व्हाया सुकमा उड़ीसा से सड़क संपर्क भी टूट गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और पुल की रेलिंग पांच फुट पानी में डूबी हुई है। शबरी नदी के बढ़े जलस्तर का कारण उड़ीसा के कालाहांडी जिले में स्थित बांध के गेट रविवार दोपहर को खोला जाना बताया जा रहा है।
तहसीलदार रामेश्वर साहू ने बताया कि बांध के डिस्चार्ज को घटाया गया है। रात 12 बजे तक शबरी नदी के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है। लेकिन प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। शबरीनाला, बगीजापारा, राजवाड़ा, श्रीनगर समेत आधा दर्जन से ज्यादा निचली बस्तियों में रहने वाले लोगों को हटाया जा रहा है। दो स्कूलों भवन को बाढ़ प्रभावितों के रुकने के लिए खोल दिए गए हैं।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए दंतेवाड़ा कलेक्टर केआर पिस्दा रविवार को यहां पहुंच गए थे। उन्होंने पूरी स्थिति की समीक्षा की। नदी से लगी शहर की बस्तियों में दहशत की स्थिति है। श्रीनगर मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन की चेतावनी मिलने का इंतजार किए बिना रविवार रात 8 बजे कीमती सामान साथ में लेकर सुरक्षित स्थानों की तरफ जाना शुरू कर दिया था।
दक्षिण बस्तर में शुक्रवार की रात हुई मूसलाधार बारिश में मिसमा नाले के पास क्षतिग्रस्त नेशनल हाइवे को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। सड़क का 30 मीटर से ज्यादा हिस्सा बाढ़ से बह गया है। नाले के दोनों तरफ सात सौ से अधिक ट्रकें जाम हैं। ज्यादा बारिश नहीं हुई तो सोमवार दोपहर तक हाइवे पर यातायात शुरू कर दिए जाने की उम्मीद है। शनिवार की रात भी दक्षिण बस्तर में कई स्थानों पर जमकर बारिश हुई।